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न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : मोतिहारी नगर परिषद सभापति द्वारा दिए गए त्राहिमाम पत्र एवं संपादक के पत्र को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार के वेतन भुगतान पर लगाई रोक, मांगा स्पष्टीकरण

न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : मोतिहारी/ बिहार :

मोतिहारी नगर परिषद सभापति अंजु देवी द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए त्राहिमाम पत्र को गंभीरता से लेते हुए डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने बुधवार को नाला सफाई में लापरवाही बरतने के मामले में सख्त रूख दिखाते हुए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार से 24 घंटे में स्पष्टीकरण का जबाब मांगते हुए उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। डीएम श्री अशोक ने नप को दिए गए पत्र में कहा है कि शहर के वार्ड- 11 व 12 नाका नंबर 2 के समीप स्थित नाला की सफाई हेतु नगर परिषद से बार-बार कहने के बावजूद नगर परिषद द्वारा उक्त नाला की सफाई नहीं की जा रही है।

गौरतलब है कि जागरण न्यूज़ एक्सप्रेस के संपादक सह प्रदेश महासचिव शिक्षा प्रकोष्ठ जदयू कैलाश गुप्ता ने डीएम से उक्त मामले की शिकायत की थी। संपादक श्री गुप्ता के द्वारा डीएम शीर्षत कपिल अशोक को बताया गया था कि सफाई निरीक्षक द्वारा सफाईकर्मी नहीं दिए जाने के कारण वार्ड जमादार द्वारा कार्य करने में असमर्थता व्यक्त की गयी है। नाला सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है, परन्तु समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसका आम लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

डीएम श्री अशोक ने अपने स्तर से जाँच कराई। मामला सही पाए जाने के बाद श्री अशोक ने कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद मोतिहारी को जारी स्पष्टीकरण पत्र में कहा है कि कोरोना जैसी महामारी के दौरान शहर के निरीक्षण के क्रम में एवं कई बैठकों में शहर एवं नाले की साफ-सफाई करवाने के लिए आपको निर्देशित किया जाता रहा है, पर ऐसा प्रतीत होता है कि आपके द्वारा इस कार्य अभिरूचि नहीं ली जा रही है। यह कार्य में लापरवाही व आपदा एक्ट का भी उल्लंघन है। डीएम ने कहा है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त होने तक उनका वेतन भुगतान स्थगित रहेगा तथा स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने पर अग्रतर कार्रवाई की जाएगी।

नप सभापति ने कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ विभाग को भेजा त्राहिमाम संदेश

इस बावत सभापति श्रीमती अंजु देवी ने प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना एवं जिलाधिकारी, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी को त्राहिमाम पत्र लिखकर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद मोतिहारी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

सेवा में,
नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार, पटना
प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना
एवं जिलाधिकारी, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी

विषय: कार्यपालक पदाधिकारी के गैर-जिम्मेदाराना और मनमाना रवैया के संबंध में।

कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद मोतिहारी की अकर्मण्यता और मनमाना रवैया के कारण पूरी व्यवस्था चरमरा गई है।

बोर्ड और सशक्त स्थायी समिति के स्वीकृत प्रस्तावों का अनुपालन इनके द्वारा नहीं किया जाता है।

बार-बार पत्राचार करने पर भी इनका जवाब संतोषजनक नहीं होता है।

हद यह है कि मुख्य पार्षद का कॉल भी रिसीव नहीं किया जाता है।

इनके द्वारा मुख्य पार्षद को दरकिनार करते हुए बहुत सारे निर्णय ले लेना आम बात हो गई है।

सशक्त स्थायी समिति की स्वीकृति के बिना ही कई प्रकार की खरीदारी इनके द्वारा कर ली गई है।

कर्तव्यहीनता के आरोप में जिस अनुबंधकर्मी को बर्खास्त करने का निर्णय बोर्ड द्वारा लिया गया है उसे काम पर रखते हुए उसका भुगतान किया जा रहा है।

प्रावधान के अंतर्गत मुख्य स्वच्छता निरीक्षक के सेवा विस्तार के बोर्ड के निर्णय के बाद उनके द्वारा किये जा रहे कार्य के बावजूद उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है।

इनकी कार्य अकुशलता के कारण कार्यालय कर्मी बेलगाम हो चुके हैं।

नगर परिषद, मोतिहारी राजनीति का अड्डा बन कर रह गया है और आये दिन हड़ताल की समस्या झेलनी पड़ रही है।

नगर परिषद का प्राथमिक कार्य सफाई व्यवस्था की स्थिति अतिदयनिय है।

नगर की स्थिति नारकीय बनी हुई है जिससे लगातर माननीय पार्षदों के आक्रोश का सामना करना पड़ता है।

विकासात्मक कार्यों में इनकी किसी प्रकार की रूचि नहीं है।

बिना किसी सलाह और सूचना के किसी प्रकार की निविदा और विज्ञापन को निकाल देना और बिना सूचना और सलाह के उसे निरस्त कर देना आम बात हो गई है।

ऐसा प्रतीत होता है कि संवैधानिक संस्थाओं और पदों के प्रति इनके मन में कोई सम्मान और कर्तव्यबोध नहीं है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

अंजू देवी
नप सभापति, मोतिहारी

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