न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : सेवा के जज्बे को सलाम, बेटी को पीठ पर बांध दिन में कम-से-कम दो बार उफनती बूढ़ा नदी को पार कर एएनएम पहुंचती हैं तिसिया गांव, ताकि गांव का कोई बच्चा टीकाकरण से वंचित ना रहे

न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव :

डा. राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह :

जंगली रास्ता हो या बाढ़ से उफनती नदी, पार कर हर गांव में समय पर ये पहुंचती हैं। साथ में होती हैं इनकी डेढ़ साल की बेटी भी। वे समस्याओं को भूल, पिछड़े क्षेत्रों में जाकर बच्चों को नियमित टीका देती हैं ताकि स्वास्थ्य केंद्र से दूरी की वजह से किसी भी गांव का कोई बच्चा टीकाकरण से वंचित ना रहे। चेतमा के उपस्वास्थ्य केंद्र में अनुबंध पर पोस्टेड एएनएम मानती कुमारी प्रतिमाह अक्सी पंचायत के प्रत्येक गांव में एक बार बच्चों के टीकाकरण के लिए जाती हैं। पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश की वजह से अभी झारखंड की पहाड़ी नदियों की धार भी तेज हो गई है और कई जगह इसके कारण हादसे भी होते रहे हैं। बावजूद इसके एएनएम मानती अपनी डेढ़ साल की बच्ची को गोद में लेकर आस-पास के गांवों के बच्चे को टीका देने निकलती हैं और दिन में कम-से-कम दो बार बूढ़ा नदी पार करती हैं।

चेतमा के उपस्वास्थ्य केंद्र में डेढ़ वर्ष पहले अनुबंध पर पोस्टेड एएनएम मानती कुमारी मूलतः चंदवा अलौदिया की निवासी हैं। वो रोजाना प्रखंड मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच बसे ग्राम चेतमा आती हैं। फिर यहां से टीकाकरण के लिए बॉक्स लेकर तय गांव की ओर निकल जाती हैं।

यहां इन्हें प्रतिमाह शनिवार और गुरुवार को अक्सी पंचायत के प्रत्येक गांव में एक बार बच्चों के टीकाकरण के लिए जाना होता है। इस दौरान उन्हें अपनी डेढ़ साल की एक बच्ची को भी साथ लेकर जाना पड़ता है, क्योंकि बच्ची को घर पर अकेला नहीं छोड़ सकती हैं। उनके साथ मदद के लिए उनके पति सुनील उरांव भी होते हैं। उन्हें प्रतिदिन महुआडांड़ स्थित अपने घर से 20 किमी की दूरी तय कर 3-4 किमी पैदल चल अक्सी पंचायत के तिसिया, गोयरा, सुगाबांध आदि गांव जाना होता है।टीकाकरण के लिए जाने के दौरान कुछ गांव में जाने के लिए उन्हें बूढ़ा नदी पार करनी पड़ती है। क्षेत्र के ग्रामीण भी मानती कुमारी के कार्य से खुश और संतुष्ट हैं।

वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. अमित खलखो भी उनके समर्पण और जज्बे की प्रशंसा करते हैं। वह कहते हैं कि अभी कोविड की वजह से सभी कर्मी विषम परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं। क्योंकि अभी यह जरूरी है।

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