न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : नालंदा के डीएम व डीपीआरओ को हुआ कोरोना, नहीं रहे CBI के पूर्व अधिकारी रंजित सिन्हा, पटना में आज सुबह से 9 मरीजों की मौत, पटना शमशान घाट पर शव जलाने का नया रेट 10500 रुपए

न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : पटना/ बिहार :

बिहार में कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार को देख अब लोग अंदर से डरने लगे हैं. अब तो कोरोना की चपेट में बड़े अधिकारी भी आ रहे हैं. ताजा मामला बिहार के नालंदा जिला से है. बताया जाता है कि नालंदा के डीएम योगेंद्र सिंह कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं. शुक्रवार को आई रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई है.डीएम योगेंद्र सिंह की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद उनके सरकारी आवास पर सन्नाटा पसर गया है. यहां तक कि उनके दफ्तर में भी अधिकारी व कर्मचारी सहम गए हैं. डीएम के साथ नालंदा के जिला पंचायती राज पदाधिकारी भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं. हालांकि, इसकी सूचना आते ही डीएम आवास को सैनिटाइज किया गया.

बिहार के एक और IAS अधिकारी की कोरोना से मौत, नहीं रहे CBI के पूर्व अधिकारी रंजित सिन्हा

सीबीआई के पूर्व डॉयरेक्टर रंजीत सिन्हा की भी कोरोना से मौत हो गई है. इसके अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और विधायक जिग्नेश मेवाणी भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. : केंद्रीय अनवेष्ण ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा का दिल्ली में निधन हो गया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने दिल्ली में शुक्रवार तड़के साढ़े 4 बजे के आसपास अंतिम सांसें लीं. वह 68 साल के थे. अपने करियर में सिन्हा ने सीबीआई डायरेक्टर, आईटीबीपी डीजी जैसे कई अहम पदों की जिम्मेदारी संभाली थी. रंजीत सिंह 1974 बैच के आईपीएस ऑफिसर थे. सीबीआई के महानिदेशक का पद संभालने से पहले वह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के निदशक के पद पर थे.

पटना में कोरोना से हाहाकार, आज सुबह से 9 मरीजों की मौत 

बेकाबू कोरोना ने पटना में हाहाकार के हालात पैदा कर दिए हैं। राजधानी पटना में आज सुबह से कोरोना के 9 मरीजों की मौत हो गई हैं। पीएमसीएच में आज 5 मरीजों की मौत हुई है जबकि एनएमसीएच में 4 कोरोना संक्रमितों की मौत आज हो चुकी है। माना जा रहा है कि आज शाम तक यह आंकड़ा और बढ़ेगा।

कल बिहार में सबसे ज्यादा नए केस सामने आए थे जबकि 24 लोगों की मौत कोरोना से हो गई थी। आज सुबह यह आंकड़ा और ऊपर गया है। गुरुवार को पटना एम्स में एक की मौत हुई है। वहीं पीएमसीएच में छह कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है। पीएमसीएच के कोविड वार्ड में 92 मरीज भर्ती हैं। जबकि पटना एम्स में पिछले 24 घंटे में 27 नये संक्रमित भर्ती हुए थे। वहीं, छह लोगों को छुट्टी दी गई थी। जबकि कोविड वार्ड में 145 लोग भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं।

मोकामा में दो मरीजों की मौत होने की बात सामने आई थी। दोनो मृतक मोकामा प्रखंड के रहने वाले थे। 35 साल के एक मरीज पेशे से सरकारी शिक्षक थे। 11 अप्रैल को उनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी।बुखार अधिक होने के कारण ऑक्सीजन लेवल घट गया था, जिसके कारण सांस लेने में परेशानी हो रही थी। हालत गम्भीर देखकर परिजनों ने 12 अप्रैल को पटना के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। मृतक की पत्नी भी पॉजिटिव है। दूसरा मामला नगरपरिषद क्षेत्र का है। 40 साल के एक मरीज को पिछले 5 दिनों से बुखार और खांसी थी।

पटना शमशान घाट का नया रेट चार्ट, शव जलाना है तो साथ लेकर आएं 10500 रुपए

प्रशासन के लाख प्रयास करने के बाद भी कोरोरा संक्रंमित मरीजों के परिजनों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पहले तो उन्हें इलाज करवाने के लिए हास्पिटल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इतना ही नहीं मरने के बाद भी ​परिजनों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रहा। शव ले जाने के लिए कहीं पर एंबुलेसव वाले हजारों रुपए लूट रहे हैं तो दूसरी ओर शमशान घाट वाले शव जालाने के लिए धमकी तक दे रहे है।

ताजा अपडेट के अनसुार पटना के शमशान घाट वालों ने आपदा में आमदनी कमाने का अवसर बना लिया है। शमशान घाट के बाहर रेट चार्ट लगाया गया है। इसके अनुसार लडड़ी 800 रुपए मन अर्थात बीस रुपए किलो बताया गया है। जबकि सभी जानते हैं लकड़ी आम दिनों में आठ से दस रुपए किलो आसानी से उपलब्ध हो जाता है। मजदूरी के लिए दो हजार और अन्य कामों के लिए 1300 रुपए का डिमांड किया जा रहा है। कुल मिलाकर लोगों को 10 हजार 500 रुपए देने को कहा जा रहा है।

कोरोना से हुई मौत के बाद जिला प्रशासन शव को परिजनों को सौप देता है, जहां से परिजन सीधे बांस घाट पहुच रहे है. यहां विद्युत शवदाह गृह की व्यवस्था होने के कारण लोग यहीं अंतिम संस्कार करना चाहते हैं. विद्युत शवदाह गृह की व्यवस्था गुलबी घाट में भी है पर सिर्फ एक ही विद्युत शवदाह गृह होने के कारण बांस घाट में भीड़ बढ़ गई है. बांस घाट में दो शवदाह गृह हैं, पर एक ही चलाने के कारण भीड़ बढ़ गई है.

बांस घाट पर विद्युत शवदाह गृह में जलाने के लिए प्रशासन की तरफ से 300 रुपये शुल्क निर्धारित है, पर लंबी लाइन रहने के बाद जलाने के लिए मनमाने पैसे वसूले जा रहे हैं. पटना के रहने वाले ब्रजराज अपने पिता की कोरोना से हुई मौत के बाद शवदाह के लिए बांस घाट पहुंचे थे. ब्रजराज ने आरोप लगाते हुए कहा कि पिता के अंतिम संस्कार के लिए 300 रु की जगह 16 हजार रुपए लिया गया.

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