न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव :

डा. राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह.
*उत्तर प्रदेश के IIT बीएचयू से इंजीनियरिंग और लॉ करने के बाद, अलंकार अग्निहोत्री 2019 में पीसीएस अफसर बने थे। उन्होंने पहले अटेंप्ट में 15वीं रैंक हासिल की थी। तकनीक, कानून और अब प्रशासनिक सेवा के अच्छे जानकार अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यूजीसी के नए एक्ट के विरोध में पद छोड़ा।*
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए एक्ट को लेकर देशभर में घमासान जारी है। यूजीसी की ओर से हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स में जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026’ को लागू किया गया है। यह रेगुलेशन 15 जनवरी 2026 से देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू हो गया है। तभी से इस रेगुलेशन का विरोध हो रहा है। अब एक पीसीएस अफसर ने भी यूजीसी एक्ट को ‘काला कानून’ बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
कौन हैं अपने पद से इस्तीफा देने वाले PCS अफसर?
यूजीसी के नए एक्ट का विरोध करने वाले पीसीएस अफसर का नाम अलंकार अग्निहोत्री है। पीसीएस अफसर अलंकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट (ADM) पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने साल 2019 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) परीक्षा पास की थी। उन्होंने पहले अटेंप्ट में यूपीपीएससी पीसीएस 2019 परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल की थी।
उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय IIT BHU से बीटेक और फिर एलएलबी की डिग्री हासिल की है। अलंकार अग्निहोत्री कानपुर के रहने वाले हैं। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट से पहले वे कई जिलों में डिप्टी कलेक्टर रह चुके हैं। उनमें उन्नाव, बलरामपुर, एटा शामिल हैं। अलंकार अग्निहोत्री लखनऊ में असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर के पर भी सेवा दे चुके हैं।

अपने इस्तीफे में लिखा है अलंकार अग्निहोत्री ने
उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा है, ‘मैं अलंकार अग्निहोत्री वर्तमान में उत्तर प्रदेश प्रांतीय सेवा में 2019 बैच का राजपत्रित अधिकारी हूं। वर्तमान में सिटी मजिस्ट्रेट, बरेली के रूप में जनपद बरेली में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। यह भी आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि अखिल भारतीय हिन्दू विश्वविद्यालय के अन्तर्गत IIT BHU से B.Tech की उपाधि अर्जित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जिसके लिए मैं भारत रत्न महामना मदनमोहन मालवीय का जीवनभर आभारी रहूंगा। उनके स्वप्न के आधार पर जिस प्रकार से उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की, उसी से प्रेरणा लेकर काशी और वीरभूमि हनुमान जी के ध्यान में रखकर आगे अपने भाव व्यक्त कर रहा हूं।
आखिर PCS ऑफिसर अलंकार अग्निहोत्री ने क्यों दिया इस्तीफा?
बताया जा रहा है कि वे यूजीसी के इक्वलिटी एक्ट और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ हुई प्रशासनिक कार्रवाई से नाराज हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे से पहले फेसहबुक अकाउंट पर एक पोस्ट की थी। अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे की दो वजह यूजीसी के नए नियम का विरोध और प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य के शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार बताई जा रही हैं।

क्या है यूजीसी का नया कानून?
UGC ने कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए इक्वेलिटी एक्ट लागू किया है। यह रेगुलेशन 15 जनवरी 2026 से देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू हो गया है। नए रेगुलेशन की सबसे जरूरी बात यह है कि अब अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को भी जातिगत भेदभाव की परिभाषा में शामिल किया गया है। यूनिवर्सिटी स्तर पर ओबीसी, महिला, एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों की एक समानता समिति गठित की जाएगी। यह समिति हर छह महीने में अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी और उसे यूजीसी को भेजना अनिवार्य होगा।















