न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : नई दिल्ली
डा. राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह
मोतिहारी के सुप्रसिद्ध समाजसेवी मुन्ना गिरी के पुत्र अभिषेक गिरी द्वारा स्नातक (Undergraduate) स्तर पर किए गए शोध कार्य को भारत सरकार के भारतीय पेटेंट कार्यालय द्वारा आधिकारिक रूप से प्रकाशित किया गया है। यह उपलब्धि सामान्य शैक्षणिक प्रोजेक्ट से कहीं आगे जाकर उसे राष्ट्रीय स्तर की बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) के रूप में स्थापित करती है।
भारत सरकार द्वारा किसी शोध को पेटेंट जर्नल में प्रकाशित किया जाना इस बात का प्रमाण होता है कि वह कार्य नया (Novel), मौलिक (Original) और तकनीकी रूप से उपयोगी है। इसी आधार पर अभिषेक को सरकारी दस्तावेज़ों में “प्रथम एवं वास्तविक आविष्कारक (True and First Inventor)” का दर्जा प्रदान किया गया है, जो एक ऐसी मान्यता है जो जीवनभर उनके नाम के साथ जुड़ी रहेगी
यह शोध आधुनिक और अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्र — Blockchain Applications और Modular Signature Verification — पर आधारित है। यह तकनीक भविष्य की डिजिटल सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन, फाइनेंस, ई-गवर्नेंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाने वाली है। इस स्तर का शोध सामान्यतः उच्च शिक्षण संस्थानों और अनुभवी वैज्ञानिकों द्वारा किया जाता है, और स्नातक स्तर पर इस प्रकार का शोध असाधारण माना जाता है।
पेटेंट का प्रकाशित होना यह दर्शाता है कि अब यह शोध भारत सरकार के आधिकारिक बौद्धिक संपदा रिकॉर्ड का हिस्सा बन चुका है। इसका अर्थ है कि यह कार्य केवल अकादमिक मूल्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका औद्योगिक, व्यावसायिक और तकनीकी महत्व भी है।
देश के आधिकारिक रिकॉर्ड में स्थान :
भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि यह शोध कार्य एक नई और मौलिक खोज है।
‘प्रथम एवं वास्तविक आविष्कारक’ का दर्जा: सरकारी दस्तावेज़ (Form 5) के अनुसार, अभिषेक ‘True and First Inventor’ घोषित किये गए है। इसका अर्थ यह है कि कानूनी तौर पर इस विचार का जनक अभिषेक को माना गया है।
करियर की दृष्टि से यह उपलब्धि अत्यंत महत्वपूर्ण :
यह अभिषेक को एक “Published Inventor” के रूप में स्थापित करती है
उनके रेज़्यूमे में यह एक साधारण डिग्री से कहीं अधिक प्रभावशाली उपलब्धि के रूप में दर्ज होगी
उच्च शिक्षा, रिसर्च प्रोग्राम, कॉर्पोरेट R&D और स्टार्टअप सेक्टर में यह एक बड़ी पहचान बनेगी
यह भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसरों के द्वार खोल सकती है
जहाँ अधिकांश छात्र केवल डिग्री लेकर कॉलेज से निकलते हैं, वहीं अभिषेक एक राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित आविष्कार के साथ अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं।
अभिषेक आधिकारिक रूप से एक National Inventor के रूप में पहचाने जाएंगे।

यह उपलब्धि उनके शैक्षणिक जीवन की एक मजबूत नींव और पेशेवर जीवन की एक सशक्त शुरुआत है।














