
न्यूज़ टुडे टीम एक्सक्लूसिव : शहरबन्नी- खगड़िया/ बिहार :
रामविलास पासवान के निधन के बाद लोक जनशक्ति पार्टी और परिवार की सारी जिम्मेदारी उनके बेटे चिराग पासवान के कंधों पर आ गई है। इसबार उनकी पार्टी लोजपा एनडीए से अलग होकर बिहार में अकेले चुनाव लड़ रही है। रामविलास पासवान के निधन के बाद उनकी पहली पत्नी राजकुमारी देवी भी मीडिया के सामने आई हैं। उन्होंने न्यूज़ टुडे टीम से बातचीत की है।
राजकुमारी देवी ने न्यूज़ टुडे टीम को बताया कि रामविलास पासवान के निधन के बाद उनके अंतिम दर्शन करने के लिए वो पटना गई थीं। सोमवार को लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अपने पिता रामविलास पासवान की अस्थियों का विसर्जन करने अपने पैतृक गांव शहरबन्नी पहुंचे थे। इस दौरान चिराग अपनी पहली मां राजकुमारी देवी से भी मिले थे।
राजकुमारी देवी ने न्यूज़ टुडे टीम को बताया कि चिराग ने पैर छूकर मेरा आशीर्वाद लिया और इसके बाद उन्होंने मुझे गले लगा लिया। रामविलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी ने आगे कहा जब तक रामविलास जी थे चिराग उनसे ज्यादा बात नहीं करते थे। अब तो चिराग को ही मेरा ख्याल रखना होगा। इतना ही नहीं राम राजकुमारी देवी ने अपने बेटे चिराग पासवान को ही अपना सहारा बताया।
राजकुमारी देवी ने न्यूज़ टुडे टीम से कहा मैंने चिराग को चुनाव में जीत का आशीर्वाद दिया है और इसबार वही जीतेंगे। न्यूज़ टुडे टीम से राजकुमारी देवी ने आगे कहा चिराग को उनकी बात माननी चाहिए और वो भी चिराग की हर बात मानेगीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि रामविलास जी की दूसरी शादी करने के बाद मेरा उनसे संपर्क बेहद कम हो गया था। पर मेरी दोनो बेटियां मुझसे मिलने अक्सर गांव आती रहती हैं।
रामविलास पासवान के देहांत के बाद उनकी पहली पत्नी राजकुमारी देवी को चिराग एकमात्र सहारा नजर आ रहे हैं। रामविलास पासवान की पहली पत्नी आज भी खगड़िया जिले में उनके पैतृक गांव शहरबन्नी के घर पर ही रहती हैं। इससे पहले साल 2019 लोकसभा के दौरान राजकुमारी देवी ने न्यूज़ टुडे टीम से कहा था कि चिराग कभी उनसे आशीर्वाद लेने अपने पैतृक गांव नहीं आए, काफी लंबे वक्त से चिराग से मुलाकात नहीं हो पाई। राजकुमारी देवी ने तब न्यूज़ टुडे टीम को बताया था कि चिराग से उनकी आखिरी मुलाकात लगभग पांच साल पहले चिराग के दादा के निधन के वक्त हुई थी।