न्यूज़ टुडे ब्रेकिंग अपडेट : पटना/ मोतिहारी

आशीष राज, स्थानीय संपादक (बिहार), न्यूज़ टुडे मीडिया समूह
*नई व्यवस्था के तहत मोतिहारी एसपी के अधीन सदर अनुमंडल एवं चकिया अनुमंडल रहने की चर्चा है। वहीं मोतिहारी ग्रामीण एसपी के अधीन जिले के अन्य सभी अनुमंडल और संबंधित थाने रहेंगे।*
बिहार के दूसरे सबसे बड़े जिले पूर्वी चंपारण में कानून – व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस प्रशासन का नया खाका तैयार किया गया है। जिले में ग्रामीण एसपी (SP Rural) पद के सृजन के बाद अब कार्यक्षेत्र का स्पष्ट बंटवारा कर दिया गया है।
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डीआईजी हर किशोर राय ने जानकारी देते हुए बताया कि अनुमंडलों और थानों के विभाजन संबंधी प्रस्ताव को अनुमोदित कर मुख्यालय भेज दिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिले में प्रशासनिक नियंत्रण और अपराध नियंत्रण दोनों अधिक प्रभावी होंगे।

एसपी और ग्रामीण एसपी के बीच ऐसे बंटेगा जिम्मा
नई व्यवस्था के तहत मोतिहारी एसपी के अधीन सदर अनुमंडल एवं चकिया अनुमंडल रहने की चर्चा है। वहीं मोतिहारी ग्रामीण एसपी के अधीन जिले के अन्य सभी अनुमंडल और संबंधित थाने रहेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे पुलिसिंग का दबाव कम होगा और मामलों के त्वरित निष्पादन में मदद मिलेगी।

नेपाल सीमा के कारण बढ़ी जिम्मेदारी
पूर्वी चंपारण नेपाल सीमा से सटा हुआ जिला है, इसलिए इसकी सुरक्षा व्यवस्था सामरिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जाती है। जिले में एसएसबी के लगभग 18 बॉर्डर आउटपोस्ट 12 छोटे-बड़े थाने सक्रिय हैं। ग्रामीण एसपी की नियुक्ति के बाद सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और गश्त व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है।

लंबे समय से उठ रही थी मांग
भाजपा विधायक सचिंद्र सिंह ने विधानसभा में जिले की बड़ी आबादी और बढ़ते प्रशासनिक दबाव को देखते हुए ग्रामीण एसपी पद सृजित करने की मांग उठाई थी। सरकार के फैसले के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इसे बड़ी प्रशासनिक पहल बताया है।
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क्या होगा फायदा?
० अपराध नियंत्रण में तेजी
० सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर निगरानी
० थानों की मॉनिटरिंग मजबूत
० प्रशासनिक कार्यभार का संतुलन
० ग्रामीण इलाकों में पुलिस की त्वरित पहुंच
नई व्यवस्था को पूर्वी चंपारण में पुलिसिंग सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
