न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : नई दिल्ली

डा. राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह
*अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘शक्ति की सप्तधारा’ का उल्लेख करते हुए सात ऐसे प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित किया, जिन्हें आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक प्रगति, आत्मनिर्भरता, तकनीकी क्षमता और रोजगार सृजन का आधार बताया।*
आज 80 वां स्वतंत्रता दिवस है. देश आजादी का जश्न मना रहा है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लगातार 13 वीं बार तिरंगा फहराया. लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ‘विकसित भारत’ का संकल्प दोहराया है. उन्होंने कहा कि जब 2047 में आजादी के 100 साल होंगे, तब हम ‘विकसित भारत’ बनाकर रहेंगे.
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पीएम मोदी ने भारत को विकसित बनाने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि शक्ति की सप्तधारा से ही भारत का विकास होगा. तो चलिए जानते हैं कि आखिर शक्ति की सप्तधारा क्या है, इससे कैसे भारत का कायाकल्प होगा.

लाल किले पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि हमें नई धारा चाहिए. आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश के सामने शक्ति की सप्त धारा का आवाहन करता हूं. आने वाले पांच-सात साल में. जो पिछले पांच-सात दशक में नहीं हुआ. वो सप्तधारा के सामर्थ्य से, शक्ति से हम देश को नई ऊंचाई, नई गति देंगे और नए लक्ष्यों को पार करने वाला सामर्थ्य देंगे.

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘शक्ति की सप्तधारा’ का उल्लेख करते हुए सात ऐसे प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित किया, जिन्हें आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक प्रगति, आत्मनिर्भरता, तकनीकी क्षमता और रोजगार सृजन का आधार बताया.
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इसके साथ-साथ देश की युवा शक्ति का सामर्थ्य का भरपूर राष्ट्र निर्माण में उपयोग होगा. उनकी शक्ति जोड़ी जाएगी.
