Close

न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : नेपाल में तेज बारिश थमी, उत्तर बिहार की सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर, गोपालगंज के 48 नए पंचायतों में घुसा बाढ़ का पानी, मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रूट पर भी ट्रेनों के परिचालन पर रोक, राहत में लगा हेलीकॉप्टर

न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : मोतिहारी-बेतिया- गोपालगंज/ बिहार :

गोपालगंज के 48 नए पंचायतों में घुसा बाढ़ का पानी, अब तक 10 लाख 61 हजार लोग प्रभावित, गंगा और सोन को छोड़कर राज्य की प्राय: सभी प्रमुख नदियां लाल निशान के पार, समस्तीपुर-दरभंगा के बाद मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रूट भी अब नहीं चलेंगी ट्रेनें

नेपाल के तराई और उत्तर बिहार के मैदानी हिस्सों में तेज बारिश से नदियों के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हुई। सारण तटबंध 3 जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया। इससे गोपालगंज-सीवान ज्यादा प्रभावित हैं। छपरा के तरैया, पानापुर, मकेर समेत 48 नए पंचायत में शनिवार को पानी घुसा। 1 लाख नए लोग प्रभावित हुए। कुल प्रभावितों की संख्या 10.61 लाख हो गई। उधर गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, घाघरा, खिरोई, खांडो, महानंदा, भूतही बलान खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गोपालगंज के 48 नए पंचायतों में बाढ़ का पानी घुसने से स्थिति भयावह हो गई है। समस्तीपुर-दरभंगा के बाद मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रूट पर भी ट्रेनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है।

गंगा-पुनपुन में भी बढ़ा पानी

पटना में गंगा और पुनपुन का जलस्तर लगातार ऊपर बढ़ रहा है। हलांकि अभी ये खतरे के निशान से नीचे है। गंगा में गांधीघाट पर 8 सेमी और हाथीदह में 18 सेमी वृद्धि की भविष्यवाणी की गई है। फ़रक्का में गंगा खतरे के निशान से 27 सेमी ऊपर पहुंच गयी है और इसमें कल तक अभी 24 सेमी की वृद्धि होगी। इससे संभावना है कि 72 घंटे में गंगा कहलगांव में भी खतरे के निशान को पार कर जाएगी।

नेपाल में तेज बारिश थमी

नेपाल में बारिश की रफ्तार कम हुई है। इससे नदियों के जलस्तर में कमी की संभावना है। गंडक तटबंधों की मरम्मत भी पानी कम होने के बाद ही हो पाएगा। अब तक 10.61 लाख आबादी पानी की चपेट में आ चुकी है। दो दर्जन एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीम राहत व बचाव कार्यो में लगाई गई हैं। 1 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है।

राहत में लगा हेलीकॉप्टर

पानी में डूबी सड़क पर लोग हेलीकॉप्टर से गिराए जानी वाली राहत सामग्री के लिए खड़े हैं। वायुसेना के तीन हेलीकॉप्टरों की मदद से शनिवार को गोपालगंज, दरभंगा और मोतिहारी में राहत सामग्री गिराई गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Leave a comment
scroll to top