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न्यूज़ टुडे टीम ब्रेकिंग अपडेट : उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में जिलाधिकारी द्वारा लगातार पत्रकारों का उत्पीड़न एवं उनके खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे के खिलाफ़ पूरे जिले में ‘जल सत्याग्रह’

न्यूज़ टुडे टीम ब्रेकिंग अपडेट : फतेहपुर/ उत्तर प्रदेश :

कोरोना वायरस संकट के बीच उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में पत्रकारों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे की वजह से पत्रकारों ने ‘जल सत्याग्रह’ शुरु कर दिया है। पत्रकारों का आरोप है कि प्रदेश में पत्रकारों के खिलाफ मुकदमों की भरमार हो गई है, जिसके बाद पत्रकारों को जल सत्याग्रह करना पड़ रहा है। विरोध कर रहें पत्रकारों ने कहा कि वर्तमान जिलाधिकारी संजीव सिंह द्वारा लगातार पत्रकारों का उत्पीड़न किया जा रहा है।

फतेहपुर जिले में सोमवार (8 जून) को जिले भर के पत्रकारों ने अलग अलग स्थानों पर गंगा और यमुना नदियों की जलधारा में खड़े होकर जल सत्याग्रह किया। इस दौरान पत्रकारों ने हाथों में तख्तियां भी ली हुईं थी और जिला प्रशासन के खिलाफ लगातार नारे भी लगाए। पत्रकारों की मांग है कि जिस तरीके से जिले के पत्रकारों के ऊपर फर्जी मुकदमें दर्ज किए गए हैं उन्हें वापस लिया जाए। पत्रकारों ने सरकार से यह भी मांग की कि जिलाधिकारी संजीव सिंह का जनपद से स्थान्तरण किया जाए और इनके कार्यकाल की शासन स्तर से उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर जांच कराई जाए।

जिला पत्रकार एसो/संघ के जिलाध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार अजय सिंह भदौरिया ने कहा कि जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार और कोरोना काल के दौरान जिले में हावी अव्यवस्थाओं की सच्चाई उज़ागर करने पर डीएम संजीव सिंह के इशारे पर पत्रकारों पर फर्जी मुकदमें दर्ज किए गए हैं उसको पत्रकार बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि फ़र्जी मुकदमों के विरोध में पत्रकारों ने कुछ दिन पहले अपनी मांगो को लेकर राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन भी दिया था लेक़िन उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई।

जानकारी के मुताबिक, हाल ही में सोशल मीडिया में विजईपुर ब्लाक के अंतर्गत रहने वाले नेत्रहीन दंपत्ति को लॉकडाउन के दौरान खाद्यान सामग्री का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल करने के मामले में जिले के जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष अजय सिंह भदौरिया सहित अन्य पत्रकार के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसके विरोध में जिले के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री सहित राजयपाल को ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जाँच करवा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग किया था।

लेकिन कार्यवाही न होने पर रविवार को जल सत्यग्रह अनशन कर विरोध कर रहे हैं, वहीं अजय भदौरिया ने कहा की आज जिले के पत्रकारों ने डीएम संजीव सिंह द्वारा पत्रकारों के खिलाफ फर्जी मुकदमे के विरोध में आज जिले के पत्रकारों ने जल सत्यग्रह अनशन कर जिला प्रशासन का विरोध किया है, जिले के पत्रकारों की मांग है की पत्रकारों के खिलाफ लिखे गए मुकदमो को वापस लिया जाये और संजीव कुमार का ट्रांसफर कर जाँच की जाये अगर कार्यवाही ना हुई तो इसी तरह आंदोलन चलता रहेगा।

स्थानिय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जिला मुख्यालय के पत्रकारों ने भृगु धाम भिटौरा में गंगा नदी में खड़े होकर जल सत्याग्रह किया। इसी तरह बिंदकी, धाता, किशनपुर, गाजीपुर, खागा, थरियांव, अशोथर सहित कई क्षेत्रों में पत्रकारों द्वारा गंगा और यमुना नदी में खड़े होकर जल सत्याग्रह किया गया। इस मामले पर रविवार रात डीएम कार्यालय की तरफ़ से डाली गई प्रेस नोट में बताया गया है कि अजय भदौरिया द्वारा कोरोना कॉल के दौरान संचालित हो रही कम्युनिटी किचन के बन्द होने सम्बन्धी ट्वीट किया गया था, जो कि असत्य था। इसी सम्बन्ध में उनके विरुद्ध राजस्व निरीक्षक द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, इस ख़बर को लेकर जब न्यूज़ टुडे टीम ने जिलाधिकारी संजीव सिंह से उनके विभागीय नम्बर पर संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे हमारा संपर्क नहीं हो पाया।

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