न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : मोतिहारी

डा. राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ न्यूज़ टुडे मीडिया समूह
*आरोप है कि कृष्णा कुमार, राजस्व कर्मचारी, सदर अंचल मोतिहारी में पदस्थापित हैं और उनके की ओर से परिमार्जन का आवेदन सं0 260274934263404, 250238472752297 और 250289322751071 में अपने जांच प्रतिवेदन में उल्लेखित भू-हदबंदी रोक सूची की है, जिसे उच्च न्यायालय पटना में दायर सीडब्लूजेसी नो. 13711/2024 हर्षवर्धन बहेती बनाम बिहार राज्य में दिनांक 16.05.2025 रोक सूची से मुक्त करने के लिए आदेश पारित है. *
मोतिहारी चीनी मिल मामले में अब कार्रवाई शुरू हो चुकी है. 27 जून, 2026 दिन शनिवार को पहली कार्रवाई राजस्व कर्मचारी पर हुई, जिन्होंने परिमार्जन का रिपोर्ट तैयार किया था, जिसके आलोक में चीनी मिल से जुड़ी करीब चौदह एकड़ जमीन का परिमार्जन हो गया था. सदर डीसीएलआर के संज्ञान में जब मामला आया, तो उन्होंने मोतिहारी अंचल के प्रभारी सीओ को बुलाकर ऑनलाइन पोर्टल पर परिमार्जन को शून्य कराया. हालांकि, जब इस मामले की जानकारी मोतिहारी के नवपदस्थापित डीएम सौरभ सुमन यादव को हुई, तो उन्होंने बड़ी कारवाई करते हुए सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी को निलंबित कर दिया.
दरअसल, चर्चा है कि उक्त बड़े अधिकारी के डाटा ऑपरेटर ने राजस्व कर्मचारी कृष्णा पर दवाब बनाया कि साहब का आदेश है काम करिए. आरोप है कि कृष्णा कुमार, राजस्व कर्मचारी, सदर अंचल मोतिहारी में पदस्थापित हैं और उनके की ओर से परिमार्जन का आवेदन सं0 260274934263404, 250238472752297 और 250289322751071 में अपने जांच प्रतिवेदन में उल्लेखित भू-हदबंदी रोक सूची की है, जिसे उच्च न्यायालय पटना में दायर सीडब्लूजेसी नो. 13711/2024 हर्षवर्धन बहेती बनाम बिहार राज्य में दिनांक 16.05.2025 रोक सूची से मुक्त करने के लिए आदेश पारित है.

ये तीनों परिमार्जन में कृष्णा कुमार श्रीवास्तव की ओर से अनियमितता बरती गई है. निष्पादन के मामले में उनकी मंशा पर प्रश्नचिन्ह अंकित करता है, जो कर्त्तव्यहीनता, अकर्णमयता और अनुशासनहीनता का परिचायक है. भ्रष्ट आचरण को दर्शाता है. परिमार्जन के लिए गलत आधार बना कर परिमार्जन की स्वीकृत किए जाने के लिए अनुशंसा किया जाना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1) (ई) (ई) (ईई) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के खिलाफ है.
इन कार्यों के लिए प्रथम दृष्टया कृष्णा कुमार श्रीवास्तव, राजस्व कर्मचारी, सदर अंचल, मोतिहारी को दोषी पाते हुए पत्र निर्गत की डेट से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय कार्यालय अंचल अरेराज निर्धारित किया गया है. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण और अपील) नियमावली -2005 के भाग-4 के नियम-10 (3) के आलोक में इन्हें जीवन-निर्वाहन भत्ता दे होगा.

अंचलाधिकारी, सदर मोतिहारी को आदेश दिया गया है कि उनके खिलाफ आरोप पत्र गठन कर उचित माध्यम से 15 दिनों के अन्दर विभागीय कार्रवाई के लिए प्रस्ताव समाहर्ता पूर्वी चंपारण को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे.















