न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड का बन पीएमसीएच बनेगा विश्व का सबसे बड़ा हास्पिटल, 23 को नीतीश करेंगे शिलान्यास, 5540 करोड़ खर्च कर विश्व के सबसे ज्यादा 5462 बिस्तरों वाले अस्पताल में होगा तब्दील

न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव :

डा. राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह :

पीएमसीएच को अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड का बनाया जाएगा। यहां 5462 बेड की सुविधा होगी। इसके निर्माण पर 5540 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 23 जनवरी को सुबह 11:30 बजे करेंगे। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत और बीएमएसआईसीएल के पदाधिकारियों ने शिलान्यास स्थल का निरीक्षण किया। निर्माण कार्य से अस्पताल की चिकित्सकीय सेवा प्रभावित नहीं हो, इसलिए इसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। करीब सात साल में अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा।

इमरजेंसी भवन के ऊपर हेलीपैड की सुविधा

इस भव्य अस्पताल के इमरजेंसी भवन के ऊपर हेलीपैड की सुविधा होगी ताकि आपात स्थिति में यहां एयर एंबुलेंस को उतारा जा सके। यहां 500 बेड के आईसीयू की भी सुविधा होगी। साथ ही गांधी मैदान से पीएमसीएच को जोड़ने के लिए एनआईटी तक डबल डेकर एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा। एलिवेटेड रोड बनने से यहां आने वाले मरीजों को जाम से निजात मिल जाएगी।

टेलीमेडिसिन की भी सुविधा

इसके अलावा पीएमसीएच में टेली मेडिसिन की व्यवस्था होगी। जिला से लेकर ब्लाॅक स्तर के मरीज पीएमसीएच के विशेषज्ञ से बीमारी से संबंधित सलाह ले सकते हैं। टेली मेडिसिन सेंटर का भी उद्‌घाटन मुख्यमंत्री 23 को ही करेंगे। टेली मेडिसिन में चार विभागों मेडिसिन, गाइनी, पेडिएट्रिक्स और सर्जरी विभाग की सुविधा मिलेगी।

पीएमसीएच) 5540.07 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से विश्व का सबसे ज्यादा 5462 बिस्तरों वाले अस्पताल में होगा तब्दील

पटना मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) को 5540.07 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से विश्व का सबसे ज्यादा 5462 बिस्तरों वाले अस्पताल में तब्दील किया जाएगा। विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल बनेगा। इस अस्पताल को लेकर नीतीश सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो अगले कुछ सालों में बिहार के लोगों को इलाज के लिए मुंबई या अन्य शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विश्व के सबसे बड़े इस अस्पताल के लिए 5540करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। पीएमसीएच अस्पताल का विस्तारीकरण तीन चरण में सात वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस काम को और भी पहले कर लेने की आवश्यकता जताई है।

एम्स पटना के सराहनीय कार्य को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस घोषित किया है। इसके पहले केंद्र सरकार ने दिल्ली एम्स को राष्ट्रीय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस घोषित करते हुए सभी राज्य सरकारों को अपनी राजधानी में एक कोविड डेडीकेटेड अस्पताल बनाने को कहा था। अब राज्य में काेराेना के इलाज व रोकथाम के उपायों की योजना व स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण व पर्यवेक्षण एम्स पटना करेगा। निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सिंह व नोडल अफसर डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि राज्य के मेडिकल काॅलेज अस्पताल व जिला के चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

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