न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : पटना

डा. राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह
*बिहार के शिवहर के तत्कालीन उप विकास आयुक्त बृजेश कुमार के खिलाफ करप्शन केस में विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने पत्नी के नाम पर अर्जित संपत्ति छिपाने को गंभीर कदाचार मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं।*
बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व शिवहर के तत्कालीन उप विकास आयुक्त के खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित की गई है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने संकल्प जारी कर दिया है.
शिवहर के तत्कालीन उप विकास आयुक्त बृजेश कुमार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई ने 23 मार्च 2026 को पीसी एक्ट के तहत केस संख्या 11/26 दर्ज किया था. करप्शन केस दर्ज किए जाने के बाद विशेष निगरानी इकाई ने शिवहर के तत्कालीन डीडीसी के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी.विशेष निगरानी इकाई की रिपोर्ट पर सामान्य प्रशासन विभाग ने आरोपी अधिकारी बृजेश कुमार को 24 अप्रैल 2026 को निलंबित कर दिया गया था. निलंबन के बाद डीडीसी से लिखित अभिकथन की मांग की गई.

समीक्षा में पाया गया कि इन्होंने पत्नी का स्वतंत्र आय होने का उल्लेख किया है . पत्नी की आय से खरीदी गई संपत्ति भी उनकी आय में विशेष निगरानी इकाई के द्वारा गणना कर ली गई है.

हालांकि पत्नी के नाम से अर्जित संपत्ति को इन्होंने छुपाया है. करप्शन केस के आरोपी डीडीसी बृजेश कुमार की पत्नी के नाम पर फुलवारी शरीफ स्थित प्रगति टावर में व्यावसायिक ऑफिस दुकान नंबर- 202 है. फुलवारी शरीफ के प्रगति टावर में ही दुकान नंबर- 203 है. इतना ही नहीं, नागेश्वर नगर खगौल रोड आर.के. पुरम के नजदीक ओम गंगा परिसर में व्यावसायिक ऑफिस नंबर एस 201 ए है. ये सभी सब रजिस्टार कार्यालय दानापुर से निबंधित है.
सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबित डीडीसी बृजेश कुमार ने पत्नी के नाम पर अर्जित इन संपत्तियों को छुपाया है या उल्लेख नहीं किया है.यह गंभीर कदाचार है. ऐसे में राज्य सरकार ने इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया है . मुख्य जांच आयुक्त बिहार को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है.















