न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : विराट रामायण मंदिर समेत पूर्वी चम्पारण के 40 गांवों से होकर गुजरेगी राम जानकी कॉरिडोर, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव :

डा. राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह 

*उत्तर प्रदेश के अयोध्या से नेपाल के जनकपुर को जोड़ने वाले राम जानकी मार्ग राम की जन्मभूमि अयोध्या से भाया गोपालगंज मोतिहारी शिवहर-सीतामढ़ी होते हुए मां सीता की जन्मभूमि नेपाल के जनकपुर तक जाएगी जो पूर्वी चंपारण के 40 गांव से गुजरेगी. इसको लेकर एनएचएआइ ने पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी जिलों के गांवों की सूची जारी कर दी है.*

उत्तर प्रदेश के अयोध्या से नेपाल के जनकपुर को जोड़ने वाले रामजानकी मार्ग के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है. NHAI ने पूर्वी चंपारण समेत कई जिलों के गांवों की सूची जारी की है. यह फोर लेन सड़क पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगी.

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राम की जन्मभूमि अयोध्या से भाया गोपालगंज मोतिहारी, शिवहर, सीतामढ़ी होकर मां सीता की जन्मभूमि नेपाल के जनकपुर को जोड़ने वाली राम जानकी मार्ग में पूर्वी चंपारण के 40 गांव शामिल होंगे. इसको लेकर एनएचएआइ ने पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी जिलों के गांवों की सूची जारी कर दी है.

एलामेंट को मंजूरी के बाद डीपीआर बनाने की दी गयी जिम्मेवारी

रामजानकी मार्ग में मशरख, चकिया, शिवहर, सीतामढ़ी, भीठामोर फोन लेन एन 27 ए और NH 227 का 240 किमी लंबाई में ₹6,155 करोड़ की यह परियोजना इसी वर्ष 2026 से शुरू हो जायेगा. फिलहाल इस सड़क के एलामेंट को मंजूरी मिलने के बाद कंसलटेंट को डीपीआर बनाने की जिम्मेवारी दी गयी है. रामजानकी मार्ग का फोर लेन निर्माण करीब 240 किमी लंबाई में अयोध्या से सीतामढ़ी-नेपाल सीमा तक करने की योजना है.

कहां से कहां तक जाएगी

यह बिहार-यूपी सीमा के पास मेहरौना घाट से शुरू होकर सीवान, पूर्वी चंपारण होकर भीठामोड़ सीतामढ़ी तक जायेगी. पूर्वी चंपारण में केसरिया सीमा में प्रवेश कर विश्व के सबसे बड़े रामायण मंदिर कैथवलिया को जोड़ेगी. इससे अयोध्या से जनकपुर और जनकपुर से अयोध्या जाने-आने वालों को सहूलियत होगी. बीच में लोग विराट रामायण मंदिर का भी दर्शन कर सकेंगे. इससे जिले के पर्यटन के साथ रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा.

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पूर्वी चंपारण के इन गांवों से गुजरेगी राम जानकी पथ

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निदेशक कमलेश कुमार सिंह के जारी पत्र के अनुसार जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को सक्षम पदाधिकारी भूमि अर्जन नामित किया गया है. पूर्वी चंपारण के चार प्रखंडों में पड़ने वाले 40 गांवों के नाम इस प्रकार है.

केसरिया प्रखंड के गांव

केसरिया के ढेकहां, सुंदरपुर वन व टू, ताजपुर पटखौलिया, मनोहर छपरा, खापराज, केसरिया, पदमन छपरा,हमीदपुर पूर्वी, फलतकिया, बैशखवा आदि गांव शामिल है.

कल्याणपुर प्रखंड के गांव

राजपुर, बहुआरा हरिवंश, मठ गोवर्धन, सिसवा नरसिंह, कैथवलिया, बासुदेव छपरा, बली बेलवा, ध्रुव पकड़ी, छपरा वेल, पकड़ीदीक्षित, हनुमान नगर, वृदावंन तीन, चार, पांच, शीतलपुर, भुवनछपरा आदि गांव शामिल है.

चकिया प्रखंड के गांव

चकिया में कुंअवा व चकिया दो व तीन, चकिया में नरनिया हलीम नगर, मेहसी में सरैया बनवारी आदि गांव शामिल है.

मधुबन प्रखंड के गांव

खोदादपुर, कोईलहरा, हरनारायणपुर, मधुबन टोला कोइल्हारा, मधुबन टोला डीहू, मधुबन, मधुबन टोला गंगापुर, वाजिदपुर, पुनार मुर्दाचक, दुबहां दोस्तिया, हरदिया, किशुनकारा आदि गांव शामिल है. इसके बाद यह सड़क डुमरी कड़सहरी होकर शिवहर में प्रवेश करेगी.

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