
न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : मोतिहारी
डा. राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह
*स्टेशन का मेन इंट्रेस पूरब साइड में है। प्रवेश द्वार पर सबसे ऊंचा 18 फीट की महात्मा गांधी प्रतिमा लगाई जानी है।इसे एयरपोर्ट की तरह बनाया जाना है। इसके लिए 183 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बिल्डिंग निर्माण के लिए ने फाउंडेशन का काम शुरू हुआ था, लेकिन डिजाइन का एप्रूवल नहीं मिलने से कार्य बंद कर दिया गया। कंस्ट्रक्शन विभाग की ओर से 12 मीटर चौड़ा एफओबी, करीब 500 लोगों के लिए बैठने की क्षमता वाले कॉनकोर्स और एक लाइट आरओबी की स्वीकृति के लिए समस्तीपुर मंडल और हाजीपुर जोन में भेजे गए डिजाइन को एप्रूवल नहीं मिल सका है।*
भारत सरकार के अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल बापूधाम मोतिहारी स्टेशन के मेन बिल्डिंग का कार्य पिछले 6 माह से ठप पड़ा हुआ है। बताया जाता है कि मेन बिल्डिंग के साथ बनने वाले कॉनकोर्स, एफओबी और लाइट आरओबी के डिजाइन को रेलवे जोन से एप्रूवल नहीं मिलने से अधर में लटका हुआ है। कंस्ट्रक्शन विभाग की ओर से 12 मीटर चौड़ा एफओबी, करीब 500 लोगों के लिए बैठने की क्षमता वाले कॉनकोर्स और एक लाइट आरओबी की स्वीकृति के लिए समस्तीपुर मंडल और हाजीपुर जोन में भेजे गए डिजाइन को एप्रूवल नहीं मिल सका है। इसके कारण मेन बिल्डिंग का कार्य बंद पड़ा हुआ है। वर्तमान में सिर्फ ऑफिस और अन्य बिल्डिंग का कार्य ही हो रहा है। बुधवार को कंस्ट्रक्शन विभाग ने फिर से मंडल और जोन को स्वीकृति के लिए पत्र भेजा है।
स्टेशन का मेन इंट्रेस पूरब साइड में
स्टेशन का मेन इंट्रेस पूरब साइड में है। इसे एयरपोर्ट की तरह बनाया जाना है। इसके लिए 183 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बिल्डिंग निर्माण के लिए ने फाउंडेशन का काम शुरू हुआ था, लेकिन डिजाइन का एप्रूवल नहीं मिलने से कार्य बंद कर दिया गया। कार्यकारी एजेंसी के वरीय अधिकारी ने बताया कि मेन बिल्डिंग के साथ ही कॉनकोर्स और एफओबी का भी फाउंडेशन जोड़ना है। बताया जाता है कि फरवरी 2026 में स्टेशन भवन का काम पूरा करने का टारगेट है।
वर्ष 2066 की संभावित यात्रियों के मद्देनजर बनी डिजाइन
यह डिजाइन वर्ष 2066 की संभावित यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कॉनकोर्स के कारण ही मेन बिल्डिंग का निर्माण कार्य फंसा हुआ है। उधर, स्टेशन से सटे उतर साइड में स्थित गुमटी संख्या 161 बी पर लाइट आरओबी बनना है। इस पर दो पहिया, तीन पहिया वाहन और पैदल यात्री आ-जा सकेंगे। इसका एप्रूवल भी जोन में फंसा हुआ है। इसके अतिरिक्त स्टेशन परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की चार स्थानों पर प्रतिमा लगानी है। इसमें प्रवेश द्वार पर सबसे ऊंचा 18 फीट की महात्मा गांधी प्रतिमा लगाई जानी है।
एप्रूवल नहीं मिलने की वजह से एक साल लेट हो गई परियोजना
कंस्ट्रक्शन विभाग के एक वरीय अधिकारी ने बताया कि कॉनकोर्स का डिजाइन समस्तीपुर मंडल में स्वीकृति के लिए भेजा गया है। लेकिन वहां से एप्रूवल नहीं मिल सका है। इसी प्रकार लाइट आरओबी व एफओबी का डिजाइन एप्रूवल के लिए हाजीपुर जोन से भी नहीं मिल पाया है। इसके कारण प्रोजेक्ट एक साल लेट हो गया। बताया कि एफओबी को 12 मीटर चौड़ा बनाया जाना है। ताकि आसानी से यात्री आ-जा सके। वहीं करीब 500 यात्रियों के बैठने के लिए फर्स्ट फ्लोर पर कॉनकोर्स बनाया जाना है। यह 48 मीटर चौड़ा और 36 मीटर लंबाई का डिजाइन बनाया गया है।
इस बाबत डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्र ने न्यूज़ टुडे को बताया कि मोतिहारी का ऐतिहासिक महत्व है। प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में जो भी कमियां और अड़चनें होंगी, उसे तत्काल खत्म की जाएगी।
जीएम के निरीक्षण के बाद भी नहीं मिल सका एप्रूवल
पूर्व मध्य रेलवे के जीएम छत्रसाल सिंह जुलाई में मोतिहारी आए थे। उनके संज्ञान में यह लाया गया था। जीएम ने शीघ्र ही डिजाइन का एप्रूवल देने का आश्वासन दिया था। लेकिन एक माह बाद भी एप्रूवल नहीं मिल सका है। जिससे काम लटका हुआ है। इधर, इस बाबत सीपीआरओ सरस्वती चंद से पूछे जाने पर कहा कि मेरे जानकारी में यह नहीं है। हम पता कर बताएंगे।