न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : बिहार के मधुबनी में चैंबर में घुसकर जज पर थानाध्यक्ष ने तानी पिस्तौल, अजीबोगरीब फैसला दे चर्चा में थे एडीजे

न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : झंझारपुर/ बिहार :

★जिला न्यायाधीश (एडीजे) अविनाश कुमार के चैंबर में घुसकर घोघरडीहा के थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण ने पिस्तौल तान दी। थानाध्यक्ष ने अभद्र भाषा का भी प्रयोग करते हुए एडीजे से मारपीट भी की। इससे हड़कंप मच गया। डीएसपी ने थानाध्यक्ष को हिरासत में ले लिया है।★

झंझारपुर अनुमंडल कोर्ट परिसर में गुरुवार को अजीबीगरीब घटना घटी। घोघरडीहा थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण ने अपने सहयोगी पुलिस अधिकारी एसआई अभिमन्यु कुमार शर्मा के साथ एडीजे प्रथम अविनाश कुमार के कार्यालय में घुसकर उन पर हमला कर दिया। बताया जाता है कि इस दौरान थानाध्यक्ष ने एडीजे पर पिस्तौल तान ली और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उनके साथ मारपीट की। कार्यालय में मारपीट की भनक लगते ही अनुमंडल कोर्ट के कर्मी व कई अधिवक्ता वहां जुट गए और बीचबचाव कर एडीजे को हमलावर पुलिस अधिकारियों के कब्जे से मुक्त कराया। इसके बाद आक्रोशित कर्मियों व अधिवक्ताओं ने दोनों पुलिस अधिकारियों को पकड़ कर उनकी जमकर पिटाई कर दी। बता दें कि एडीजे पिछले दिनों अपने अजीबोगरीब फैसलों को लेकर अविनाश कुमार चर्चा में रहे थे।

घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरातफरी व हंगामा का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही एसडीएम शैलेश कुमार चौधरी, डीएसपी आशीष आनंद एवं झंझारपुर थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी नेहा कुमारी भारी दल-बल के साथ कोर्ट परिसर पहुंचे। फिलहाल घटना को लेकर कानूनी कार्रवाई की कवायद चल रही है। वरीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी कोर्ट परिसर में कैंप कर रहे हैं। कोर्ट परिसर के दोनों प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया है। पूरा परिसर पुलिस छावनी बना हुआ है। इधर, इस घटना को लेकर कोर्ट कर्मियों व अधिवक्ताओं में काफी आक्रोश है। दोनों आरोपित पुलिस पदाधिकारी फिलहाल हिरासत में हैं।

घटना के बारे में बताया जा रहा है कि घोघरडीहा थाना क्षेत्र के एक गांव का मारपीट का मामला कोर्ट में चल रहा था। पीड़ित पक्ष के साथ फिर से मारपीट की गई, जिसमें एक महिला ने अपना आवेदन अनुमंडल विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष सह एडीजे प्रथम अविनाश कुमार को दिया था। इन्होंने उस आवेदन पर संज्ञान लेते हुए घोघरडीहा थानाध्यक्ष को नोटिस किया और बुधवार को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया था। बुधवार को नहीं आकर थानाध्यक्ष अपने एक सहयोगी अधिकारी के साथ गुरुवार को करीब दो बजे पहुंचे। सीधा एडीजे के चैंबर में गए। आने का कारण बताने पर एडीजे ने कहा कि आपको तो कल ही आना था। इस पर थानाध्यक्ष आपा खो बैठे और अभद्र भाषा का उपयोग किया। विरोध करने पर एडीजे पर हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट की। एडीजे पर पिस्टल तान दी। मारपीट होता देख अनुमंडल न्यायालय में कार्यरत कर्मियों व अधिवक्ताओं ने बीचबचाव किया और दोनों पुलिस कर्मियों के कब्जे से एडीजे को मुक्त कराया।

फैसला दे चर्चा में थे एडीजे

बता दें कि हाल ही में पटना हाईकोर्ट ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) अविनाश कुमार के न्यायिक कार्य करने पर रोक लगा दी थी। उन्होंने एक कुत्ते को पालने और पांच कुत्तों को एक माह तक खाना देने की शर्त पर एक हत्यारोपित को जमानत दी थी। इसी तरह रंगदारी व मारपीट के दो आरोपितों को अनुसूचित जाति के गरीब पांच बच्चों को छह माह तक आधा लीटर दूध मुफ्त में देने की शर्त पर जमानत दी थी। वहीं छेड़छाड़ के आरोपित को छह माह तक अपने गांव की सभी महिलाओं के कपड़े धोने और इस्त्री करने की शर्त पर जमानत दी थी।

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