न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : लाकडाउन पर नीतीश के फैसले को BJP ने बताया ‘बेकार’, कहा- नाइट कर्फ्यू लगाने से कैसे रुकेगा कोरोना

न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : पटना/ बिहार :

बिहार के सभी जिलों के डीएम और आला अधिकारियों के साथ करीब 7 घंटे के मंथन के बाद रविवार की शाम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में नाइट कर्फ्यू लगाने की घोषणा की है. नाइट कर्फ्यू रात के 9 बजे से सुबह के 5 बजे तक लागू रहेगा. हालांकि, कोरोना की बढ़ती रफ्तार से बिहार में बेकाबू हो रहे हालात को लेकर भाजपा नेता ने नाइट कर्फ्यू के फैसले पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने नीतीश सरकार के इस निर्णय को नाकाफी बताया है. उन्होंने यह भी कहा कि जल्दी ही निर्णय में सुधार नहीं किया गया तो बिहार में हालात महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से भी बुरे हो जाएंगे.

संजय जायसवाल ने फेसबुट पोस्ट में लिखा, ‘बिहार सरकार ने बहुत सारे फैसले लिए हैं जो आज की परिस्थिति में बहुत अनिवार्य हैं. मैं कोई विशेषज्ञ तो नहीं हूं फिर भी सभी अच्छे निर्णयों में इस एक निर्णय को समझने में असमर्थ हूं कि रात का कर्फ्यू लगाने से करोना वायरस का प्रसार कैसे बंद होगा? अगर करोना वायरस के प्रसार को वाकई रोकना है तो हमें हर हालत में शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह तक की बंदी करनी ही होगी. घरों में बंद इन 62 घंटों में लोगों को अपनी बीमारी का पता चल सकेगा और उनके बाहर नहीं निकलने के कारण बीमारी के प्रसार को रोकने में कुछ मदद अवश्य मिलेगी.’

संजय जायसवाल ने महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ का जिक्र करते हुए अपने पोस्ट में आगे लिखा, ‘वैसे करोना प्रसार रोकने की महाराष्ट्र में सर्वोत्तम स्थिति यही रहती कि 4 दिन रोजगार और 3 दिन की बंदी. बिहार में अभी इसकी जरूरत नहीं है पर अगर हम हफ्ते में 2 दिन कड़ाई से कर्फ्यू नहीं लगा पाये तो हमारी स्थिति भी महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसी हो सकती है.’

संजय जायसवाल ने अपने इस पोस्ट में चीन को भी अपने निशाने पर लिया है. उन्होंने लिखा, ‘पूरे विश्व को विनाश के गर्त में डालने वाला चीन आज कहीं चर्चा में नहीं है. चिकित्सकों से लेकर आम आदमी तक मे इस बात की चर्चा हो रही है कि यूके स्ट्रेन, ब्राजील स्ट्रेन, न्यूयॉर्क स्ट्रेन, अफ्रीका स्ट्रेन जैसे न्यू म्यूटेंट वायरस चल रहे हैं, पर चाइनीज करोना वायरस की चर्चा कहीं नहीं है जिसने पूरे विश्व को बर्बाद कर दिया. पूरे विश्व को चीन का विरोध करना चाहिए. जब हम विभिन्न देशों पर म्यूटेंट् स्ट्रेन का नाम रख सकते हैं तो हर हालत में हमें चाइनीज कोरोना वायरस नाम से ही इस बीमारी की पहचान करनी चाहिए.’

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