न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : देश का PM कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो, मिलन समारोह में लगे नारे, अवाक् मुख्यमंत्री का फटा गुस्सा

न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : मोतिहारी/ बिहार :

कल मौका था RLSP के JDU में विलय का। सब कुछ ठीक चल रहा था। JDU कार्यालय के कर्पूरी सभागार में कार्यकर्ताओं की खचाखच भीड़ थी। कदम रखने की जगह नहीं थी। मंच पर छोटे-बड़े नेता मौजूद थे। समय-समय पर ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ और ‘उपेंद्र कुशवाहा जिंदाबाद’ के नारे भी लग रहे थे। प्रोटोकॉल के मुताबिक JDU के नेताओं के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने भाषण दिया। उसके बाद बारी CM नीतीश कुमार की आई। नीतीश कुमार ने मंच पर बैठे सभी नेताओं को बारी-बारी से संबोधित किया। फिर भाषण देने लगे।

इसी बीच CM नीतीश कुमार के पीछे खड़े नेताओं ने जोर से नारा लगाया ‘देश का PM कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो’। जैसे ही यह आवाज नीतीश कुमार ने सुनी, वो अवाक् रह गए। आश्चर्य से पीछे मुड़े और हाथों के इशारे से कार्यकर्ताओं को समझाया कि यह क्या बोल रहे हैं आप लोग…?

जाहिर है वो JDU के कार्यकर्ता नही होंगे। वो RLSP से JDU गए कार्यकर्ता थे, जिन्होंने जोश में आकर नारा लगा दिया कि ‘देश का PM…। लेकिन, CM नीतीश कुमार का उन कार्यकर्ताओं को रोकना कई सवालों को जन्म देता है।

वो समय…जब नीतीश थे PM मैटेरियल :

एक समय था जब CM नीतीश कुमार PM मैटेरियल हुआ करते थे। हर मंच पर नीतीश कुमार को PM मैटेरियल कहा जाता था। 2014 से पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे सुशील मोदी ने भी कई सार्वजनिक सभाओं में नीतीश कुमार को PM मैटेरियल बताया था। लेकिन जब नीतीश NDA से अलग हो गए तो सुशील मोदी ने यह कहना बंद कर दिया।

आज जब नीतीश कुमार को उनके ही कार्यकर्ताओं ने PM बनाने की बात कही तो वो उखड़ गए। जैसे इस रेस में कभी रहे ही ना हों। या फिर इस रेस में कभी शामिल नहीं होंगे। 2014 से पहले नीतीश कुमार को अपरोक्ष रूप से PM के तौर पर देखा जाता था। नीतीश भी दूसरे राज्यों में जाकर पार्टी विस्तार के बहाने अपना प्रचार-प्रसार करते थे। देश में थर्ड फ्रंट बना तो नीतीश कुमार को PM के तौर पर पेश करने की भी बात चलती रही थी। लेकिन, 2014 के मोदी लहर में सभी समीकरण ध्वस्त हो गए। 2017 में नीतीश कुमार PM नरेंद्र मोदी वाली NDA में शामिल हो गए।

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