न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : मंत्री मुकेश सहनी ने अपने विभाग को बपौती बनाया, सरकारी कार्यक्रम में भाई से कराया योजना का उद्घाटन, विभाग ने सम्मान भी दिया, विधानमंडल में हंगामा के बाद एक्‍शन में CM नीतीश

न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव :

डा. राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह :

किसी भी सरकारी योजना के उद्घाटन का आम तौर पर स्वागत ही किया जाता है, मगर इस बार उल्टा हुआ। विभागीय मंत्री मंत्री मुकेश सहनी ने अपने विभाग को न केवल बपौती बनाया बल्कि हाजीपुर में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की योजना का उद्घाटन अपने भाई से करा दिया। मजे की बात तो यह रही कि स्थानीय विभागीय प्रशासन द्वारा इस दौरान उन्हें सरकारी प्रोटोकॉल भी मिला।

गौरतलब है कि मीडिया में खबर आने के बाद विधान परिषद में आरजेडी सहित विपक्ष ने मामला उठाया। विपक्ष का सवाल था कि आखिर कोई मंत्री अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी कार्यक्रम में कैसे भेज सकता है? इस मामले को लेकर बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दोनों सदनों में भारी हंगामा हुआ। विधान परिषद  में विपक्ष ने सरकार को जब कठघरे में खड़ा किया तो सत्ता पक्ष की भारी फजीहत हो गई। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया है। देर शाम मुख्‍यमंत्री ने मुकेश सहनी को तलब किया, जहां उन्‍होंने खेद प्रकट किया। जबकि, विपक्ष उनकी बर्खास्‍तगी पर अड़ा है।

विधानमंडल के दोनों सदनों में राजद (RJD) के सदस्यों ने पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की योजना के उद्घाटन का मामला गुरुवार को उठाया गया। यह योजना है मछुआरों को 90 फीसद अनुदान पर वाहन एवं आइस बॉक्स देने की। विधानसभा में राजद के सदस्य इसलिए आक्रोश में थे कि योजना के उद्घाटन में विभाग के मंत्री ने खुद नहीं जाकर, अपने भाई को भेज दिया। विभाग के अधिकारियों ने मंत्री के भाई संतोष सहनी को भी वही प्रोटोकॉल दिया, जो कैबिनेट मंत्री को दिया जाता है।

विधानमंडल के दोनों सदनों में राजद (RJD) के सदस्यों ने पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की योजना के उद्घाटन का मामला गुरुवार को उठाया गया। यह योजना है मछुआरों को 90 फीसद अनुदान पर वाहन एवं आइस बॉक्स देने की। विधानसभा में राजद के सदस्य इसलिए आक्रोश में थे कि योजना के उद्घाटन में विभाग के मंत्री ने खुद नहीं जाकर, विभाग को बपौती समझ अपने भाई को भेज दिया। वहीं विभाग के अधिकारियों ने मंत्री के भाई संतोष सहनी को भी वही प्रोटोकॉल दिया, जो कैबिनेट मंत्री को दिया जाता है।

विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हस्तक्षेप करना पड़ा। खुद खड़े होकर उन्होंने सदन को कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने भी हैरानी जताई और कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। आखिर ऐसा कैसे हो सकता है कि मंत्री का भाई किसी सरकारी कार्यक्रम का उद्घाटन कर सकता है। नीतीश ने कहा कि हालांकि, उन्हें लगता है कि यह काम किसी मंत्री का नहीं है, मगर जो कोई भी शामिल है, उसकी रिपोर्ट मंगाई जा रही है।

सत्र के बाद मुख्‍यमंत्री के बुलावे पर मंत्री मुकेश सहनी देर शाम उनसे मिलने पहुंचे। वहां स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मंगल पांडेय भी मौजूद रहे। मंत्री मुकेश सहनी ने माना कि इस मामले में उनसे गलती हुई है। आगे से वे ऐसी गलती नहीं करेंगे। अब इस मामले में मुख्‍यमंत्री के फैसले पर सभी की नजर है।

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