न्यूज़ टुडे टीम ब्रेकिंग अपडेट : संसद भवन की नई बिल्डिंग का PM मोदी ने भूमिपूजन किया, 2 साल में बनेगी, एक साथ 1224 सांसद बैठ सकेंगे

न्यूज़ टुडे टीम ब्रेकिंग अपडेट : नई दिल्ली :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (10 दिसंबर) को संसद भवन की नई बिल्डिंग का भूमिपूजन किया। नए भवन में लोकसभा सांसदों के लिए लगभग 888 और राज्यसभा सांसदों के लिए 326 से ज्यादा सीटें होंगी। पार्लियामेंट हॉल में कुल 1,224 सदस्य एक साथ बैठ सकेंगे। मौजूदा संसद 1921 में बनना शुरू हुई थी, 6 साल बाद यानी 1927 में बनकर तैयार हुई।

भूमिपूजन में हर धर्म के पुजारियों ने भी पूजा कराई। कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला समेत कई नेता मौजूद थे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने प्रधानमंत्री को भूमिपूजन का बाकायदा न्योता दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि 2022 में देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर हम नए संसद भवन में दोनों सदनों के सेशन की शुरुआत करेंगे। नया संसद भवन सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

नए संसद भवन के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तरीके पर सुप्रीम कोर्ट ने 7 दिसंबर को नाराजगी जताई थी। इस मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत कोई कंस्ट्रक्शन, तोड़फोड़ या पेड़ काटने का काम तब तक नहीं होना चाहिए, जब तक कि पेंडिंग अर्जियों पर आखिरी फैसला न सुना दिया जाए। अधिकारियों ने सितंबर में बताया था कि नए भवन को त्रिकोण (ट्राएंगल) के आकार में डिजाइन किया गया है। इसे मौजूदा परिसर के पास ही बनाया जाएगा। इस पर 861.90 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसे बनाने का जिम्मा टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को मिला है।

देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने इसके लिए 865 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। वहीं, सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) की ओर से 940 करोड़ रुपये लागत बताई गई थी। आखिर में बाजी टाटा के हाथ लगी। मौजूदा संसद भवन एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने डिजाइन किया था। उन्होंने नई दिल्ली का कंस्ट्रक्शन और प्लानिंग भी की थी। गोल आकार में बना संसद भवन भारत की सबसे बेहतरीन इमारतों में शुमार है। इसके सामने महात्मा गांधी की प्रतिमा बनी है। ​​​

सरकार ने राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट के बीच नई इमारतें बनाने के लिए सेंट्रल विस्टा का मास्टर प्लान तैयार किया है। इसी इलाके में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के लिए 10 बिल्डिंग बनाई जाएंगी। राष्ट्रपति भवन, मौजूदा संसद भवन, इंडिया गेट और राष्ट्रीय अभिलेखागार की इमारत को वैसा ही रखा जाएगा। सेंट्रल विस्टा के मास्टर प्लान के मुताबिक, पुराने संसद भवन के सामने गांधीजी की प्रतिमा के पीछे नया तिकोना संसद भवन बनेगा। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के लिए एक-एक इमारत होगी, लेकिन सेंट्रल हॉल नहीं बनेगा। यह इमारत 13 एकड़ जमीन पर तैयार होगी।

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