न्यूज़ टुडे फ़िल्म अपडेट : मुम्बई

डा. राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह
*फिल्म की कहानी, विषय और प्रस्तुति को लेकर इसे भोजपुरी सिनेमा में एक अलग तरह की पहल माना जा रहा है। ‘सच की जीत’ केवल मनोरंजन के लिए बनाई गई फिल्म नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया है।*
फ़िल्म निर्देशक विनोद चौरसिया के निर्देशन में बन रही भोजपुरी फिल्म ‘सच की जीत’ की शूटिंग उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक प्रतापगढ़ जिले की पट्टी तहसील और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में पूरी कर ली गई है। फिल्म की शूटिंग कहानी की मांग के अनुरूप वास्तविक लोकेशनों पर बड़े कैनवास और भव्य स्तर पर की गई है। फिल्म की कहानी, विषय और प्रस्तुति को लेकर इसे भोजपुरी सिनेमा में एक अलग तरह की पहल माना जा रहा है।

‘सच की जीत’ में अभिनेता प्रेम सिंह और अभिनेत्री ऋतु सिंह पहली बार केंद्रीय भूमिका में एक साथ नजर आएंगे। इनके साथ दिग्गज कलाकार जे. नीलम, संजय पांडेय, उदय श्रीवास्तव, देव सिंह, प्रीती राज, अरविंद सिंह, इंद्रसेन यादव, रुपेश मिश्रा, रागनी यादव, दर्शना जोकरे और प्राची करे भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

फिल्म की कहानी पारंपरिक सास-बहू के पारिवारिक टकराव से आगे निकलकर शिक्षा, कानून, पारिवारिक रिश्तों और सच की लड़ाई को केंद्र में रखती है। कहानी में सास-बहू के रिश्ते को एक अलग सामाजिक और कानूनी परिप्रेक्ष्य में पेश किया गया है, जहां पारिवारिक विवाद अदालत तक पहुंचता है और अंततः सच की जीत कहानी का केंद्रीय आधार बनती है। यही विषय फिल्म को सामान्य पारिवारिक भोजपुरी फिल्मों से अलग करता है।

फिल्म के निर्देशक विनोद चौरसिया ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान कहानी की जरूरतों के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ की अलग-अलग वास्तविक लोकेशनों का चयन इसलिए किया गया, ताकि कहानी को कृत्रिम सेट के बजाय वास्तविक परिवेश मिले और दर्शकों को उत्तर प्रदेश की मिट्टी, संस्कृति और जीवन की सोंधी महक महसूस हो।

उन्होंने कहा कि ‘सच की जीत’ केवल मनोरंजन के लिए बनाई गई फिल्म नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया है। फिल्म में पारिवारिक रिश्तों के साथ शिक्षा और कानून जैसे महत्वपूर्ण विषयों को मनोरंजक तरीके से सामने लाया गया है।

प्रतापगढ़ में फिल्म की शूटिंग के दौरान स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। शूटिंग स्थलों पर अपने पसंदीदा कलाकारों की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों की भीड़ उमड़ती रही। इससे फिल्म की शूटिंग के दौरान स्थानीय स्तर पर भी काफी चर्चा बनी रही।
फिल्म के संगीतकार अमन श्लोक हैं। फिल्म के डीओपी नीरज त्रिपाठी हैं। असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में विशाल बुराडे, दीप सिंह और दिनेश पाल जुड़े हैं। वहीं बॉलीवुड के वरिष्ठ फिल्म प्रचारक समरजीत फिल्म के पीआरओ हैं।
पीआरओ समरजीत ने बताया कि गुरूकृपा स्टूडियो निर्मित फिल्म ‘सच की जीत’ के निर्माण से भोजपुरी सिनेमा में एक नई पहल भी जुड़ी है। मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित गुरूकृपा स्टूडियो अब तक मुख्य रूप से फिल्मों के पोस्ट प्रोडक्शन कार्य के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब यहां से फिल्म निर्माण का काम भी शुरू किया गया है। ‘सच की जीत’ गुरूकृपा स्टूडियो के फिल्म निर्माण क्षेत्र में प्रवेश की पहली फिल्म है।