न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : केंद्र सरकार ने बिहार के लिए खोला अपना खजाना, केंद्रीय बजट चुनाव को देखते हुए जारी हुआ

न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : 

डा राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह :

*बिहार के साथ कोसी-मिथिला क्षेत्र को राहत देने की हुई है कोशिश

*बिहार की मांगों पर पिछले साल भी दिया गया था भरपूर ध्यान,

*मिडिल क्लास को बड़ी राहत, मोबाइल समेत कई चीजें सस्ती,

निर्मला सीतारमण वित्त मंत्री के रूप में संसद में लगातार आठवीं बार बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास को इस बजट में बड़ी राहत दी है। इसी के साथ कई चीजों के दाम भी कम किए गए हैं। इसके लिए सरकार ने कस्टम ड्यूटी कम करने का एलान किया।

नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि यह पहली बार है कि किसी बजट में मध्यम वर्ग को 1 लाख करोड़ रुपये की इतनी बड़ी कर राहत दी गई है। इससे दीर्घ अवधि में खपत, उत्पादन, निवेश और विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह वित्तीय रूप से जिम्मेदाराना तरीके से और व्यापक आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। केंद्रीय बजट 2025 पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट एक बहुत ही संतुलित, सर्वसमावेशी और विकास को बढ़ावा देने वाला बजट है जो विकसित भारत के संकल्प को गति देता है।

इस दौरान कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि “वोकल को राहत मिली है, लेकिन लोकल को क्या मिला? उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में वास्तविक मजदूरी दरें स्थिर रही हैं। बड़े पैमाने पर उपभोग नहीं बढ़ा है, निजी निवेश की दर नहीं बढ़ी है, जीएसटी जटिल, पेचीदा हो गया है और बोझ बन गया है, लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही है।

बिहार को लेकर केंद्र सरकार बेहद संजीदा

बिहार को लेकर केंद्र सरकार बेहद संजीदा है, यह संसद में पेश 2025-26 के बजट में साफ दिख गया। पिछले केंद्रीय बजट के मुकाबले इस बार ज्यादा मेहरबानी दिखने की एक वजह लोगों ने इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को भी माना है। इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड का केंद्र सरकार में योगदान भी अहम है। यह भी मेहराब होने का एक प्रमुख वजह हो सकता है। फ़िलहाल, कई पुराने ज़ख्म इस बजट ने भरे हैं। इसमें बिहार के साथ कोसी-मिथिला क्षेत्र को राहत देने की भरपूर कोशिश मोदी सरकार ने की है। इस बार कोई संशय नहीं है।

वेस्टर्न कोशी कैनाल प्रोजेक्ट से मखाना किसानों के अब बहुरेंगे दिन

वित्त मंत्री ने मिथिलांचल में वेस्टर्न कोशी कैनाल प्रोजेक्ट का प्रस्ताव पेश किया है। इन प्रोजेक्ट के लिए आर्थिक मदद की जाएगी। इससे यहां के किसानों को फायदा होगा। 50 हजार हैक्टेयर जमीन को सिंचाई का फायदा मिलेगा। इससे बाढ़ की त्रासदी को घटाने में भी मदद मिलेगी। वहीं, मिथिलांचल-कोसी की पहचान मखाना से जुड़ी एक बड़ी घोषणा केंद्रीय बजट में की गई।

वित्त मंत्री ने बिहार में मखाना बोर्ड का प्रस्ताव रखा। मखाना की मार्केटिंग के लिए यह बोर्ड बनाया जाएगा। अबतक कोसी-मिथिलांचल में मखाना उत्पादन करने वाले किसानों के लिए बाजार का पूरा सिस्टम नहीं है। इस बोर्ड के जरिए मखाना किसानों को सीधा बाजार उपलब्ध कराया जाएा। वित्त मंत्री ने कहा कि कोशिश की जाएगी कि सभी सरकारी योजना का फायदा इन किसानों को मिले। वित्त मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार के लिए बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी। मखाना किसानों को सहायता और प्रशिक्षण सहायता और यह सुनिश्चित करने के लिए भी काम किया जाएगा कि उन्हें सभी प्रासंगिक सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।

रोजगार और उद्योग के मुद्दे का विशेष ख्याल

बिहार में विपक्ष आगामी चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार को घेरने की तैयारी में हैं, और इस बजट में उस घेराव को कमजोर करने की भी तैयारी तक कर दी गई है। बजट में बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी और उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान बनाने के साथ फुटवियर-चमड़ा उद्योग को बढ़ाने का प्रस्ताव इसका एक प्रमाण है। राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी और उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान बिहार के कृषि उत्पादों को अलग तरह का बाजार उपलब्ध कराने में मदद करेगा। बिहार के अनाज से यहीं कई तरह के उत्पाद तैयार होंगे और इससे रोजगार की भी बड़ी संभावनाएं सामने आएंगी। वित्त मंत्री ने भी कहा कि पूर्वी क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण क्षमताएं मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह किसानों के उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाकर उनकी आय में बढ़ोत्तरी करेगा। साथ ही युवाओं के लिए हुनर, उद्यमिता और रोजगार प्राप्त करने के अवसर पैदा करेगा। वित्त मंत्री ने फुटवियर और चमड़ा उद्योगों को बढ़ावा देने और 22 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई।

बिहार के लिए बेहद सराहनीय है बजट

वित्त मंत्री ने बिहार में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का एलान किया, ताकि भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जाए। पटना एयरपोर्ट और ब्राउन फील्ड एयरपोर्ट बिहटा से यह प्रोजेक्ट अलग होगा। माना जा रहा है कि यह कहां बनेगा, इसपर नीतीश सरकार से प्रस्ताव लिया जाएगा। वहीं वित्त मंत्री ने घोषणा की कि पटना स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की क्षमता बढ़ाई जा रही है। आईआईटी में एडिशनल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा। हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। साथ ही बिहटा स्थित आईआईटी पटना का विस्तार किया जाएगा। इससे शिक्षा जगत में और समृद्धि आएगी। यहां मेधावी छात्रों की कमी नहीं है, कमी है तो सिर्फ और सिर्फ एक अच्छी व्यवस्था और बेहतर माहौल की। इन सभी घोषणाओं को पूरा हो जाने के बाद बेहतर बदलाव की उम्मीद की जा रही है। नए बजट का शिक्षित वर्ग ने जमकर सराहना किया है।

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