न्यूज़ टुडे ब्रेकिंग अपडेट : गुवाहाटी से गिरफ्तार लिकर किंग भारद्वाज का शराब कंपनियों से 400 करोड़ का टर्न ओवर, केवल बिहार से डेढ़ साल में कमाए 100 करोड़

न्यूज़ टुडे ब्रेकिंग अपडेट : गुवाहाटी/आसाम, पटना/बिहार, नई दिल्ली

★शराबबंदी के बाद अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, देश के टॉप-3 में शामिल लिकर किंग सुनील भारद्वाज उर्फ सुनील कुमार उर्फ सुनील शर्मा, गुवाहाटी से गिरफ्तार शराब कारोबारी का 4 राज्यों में कारोबार, भारत सरकार के टेलिकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के टेलिकॉम एडवाइजरी कमेटी (TAC) का मेंबर भी है और BSP से लड़ चुका है चुनाव★

शराबबंदी के बाद से बिहार में अवैध रूप से शराब की सप्लाई करने के मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। बिहार पुलिस की मद्य निषेध इकाई ने देश के टॉप-3 में शामिल लिकर किंग सुनील भारद्वाज उर्फ सुनील कुमार उर्फ सुनील शर्मा को गिरफ्तार किया है। भारत सरकार के टेलिकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के टेलिकॉम एडवाइजरी कमेटी (TAC) का मेंबर भी है और BSP से चुनाव भी लड़ चुका है। इसकी गिरफ्तारी असम में गुवाहाटी के एक फाइव स्टार होटल से हुई। सुनील मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है। लेकिन, रहता नोएडा में है।

शराब के कारोबार की वजह से हरियाणा में भी इसने अपना मजबूत बेस बना रखा है। मद्य निषेद्य इकाई की इंवेस्टिगेशन विंग की टीम पिछले डेढ़ साल से जांच में जुटी थी। इसके बारे में सबूत जुटा रही थी। टीम ने इसके साथ ही अरूणाचल प्रदेश में शराब के कारोबार में सहयोग करने वाले फुन्सो दोरजी करीमी को भी गिरफ्तार किया है।

रात के 2 बजे टीम ने की थी रेड

मद्य निषेध इकाई की टीम लगातार सुनील भारद्वाज के मूवमेंट पर नजर रख रही थी। कुछ दिनों पहले ही ये दुबई गया था। टीम को इसके वापस देश लौटने का इंतजार था। वापस आते ही टीम अलर्ट हो गई। अलग-अलग जगहों से घूमते हुए सुनील असम पहुंचा। गुवाहाटी में कामख्या मंदिर के पास स्थित फाइव स्टार होटल रॉयल डी कासा के एक कमरे में ठहरा। बात 25 नवंबर की है। उस दिन सुनील ने मंदिर में जाकर मां कामख्या के दर्शन किए। देर रात को ये अपने कमरे में था। इसके साथ एक महिला भी थी। देर रात डेढ़ बजे के करीब कमरे में खाने के लिए खाना भी मंगाया गया था। इसी के बाद करीब दो बजे मद्य निषेध इकाई की टीम वहां पहुंच गई। इसके बाद ही उसे कब्जे में ले लिया गया। इसकी निशानदेही पर दूसरे कमरे से सहयोगी फुन्सो दोरजी करीमी को पकड़ा गया। 26 नवंबर को गुवाहाटी के कोर्ट में इन दोनों की पेशी हुई। वहां से ट्रांजिट रिमांड पर दोनों को पटना लाया गया। रविवार को इंवेस्टिगेशन विंग के डीएसपी अभिजीत कुमार सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपने इस ऑपरेशन की जानकारी दी।

 

बसपा के टिकट पर लड़ चुका है चुनाव

ऐसे तो सुनील भारद्वाज की 12 कंपनियां हैं। इसमें 4 फैक्ट्रियां शराब की हैं। जो अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और गोवा में है। इसके पास धन की कोई कमी नहीं है। दुबई में भी इसने रियल स्टेट में बड़े पैमाने पर रुपए का इंवेस्टमेंट कर रखा है। सुनील और इसका पार्टनर फुन्सो दोरजी लग्जरी लाइफ जीते हैं। लिकर किंग बनने के साथ ही सुनील की राजनीतिक ख्वाहिश भी है। वो राजनेता बनना चाहता है। इसीलिए उत्तर प्रदेश में हुए 2021 के विधानसभा चुनाव में इसने अपनी किस्मत भी अजमाई। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के टिकट पर बुलंद शहर से इसने चुनाव लड़ा था। हालांकि उसमें इसे हार का सामना करना पड़ा।

पटना समेत 8 जिले में 22 केस हैं दर्ज

सुनील और इसके सहयोगी को औरंगाबाद जिले के अंबा थाना में दर्ज FIR नंबर 34/21 में गिरफ्तार किया गया है। लेकिन, इनके ऊपर बिहार में कुल 22 FIR दर्ज हैं। वो भी पटना समेत 8 जिलों में। इसके अलावा नोएडा में भी सुनील भारद्वाज शराब मामले में ही पहले से केस दर्ज है। सभी केस शराब और स्प्रीट के अवैध सप्लाई का है। औरंगाबाद में 24 मार्च 2021 को यूपी नंबर की ट्रक से 2625 लीटर स्प्रीट की बड़ी खेप बरामद की गई थी। इसे शराब बनाने के लिए लाया गया था। इतने स्प्रीट से करीब 25 हजार लीटर शराब बनती।

कांग्रेस के पूर्व विधायक का बेटा है फुन्सो दोरजी

फुन्सो दोरजी करीमी मूल रूप से अरूणाचल प्रदेश के ईटानगर में जू रोड का रहने वाला है। इसके पिता नीमा सेरिंग करीमी कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं। फुन्सो के पिता दिल्ली में भी रहते थे। इसी कारण इसकी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में हुई। फिर हायर एजुकेशन की पढ़ाई इसने लंदन के वेल यूनिवर्सिटी से किया। इसकी पत्नी साइप्रस की रहने वाली है। दिल्ली में ही सुनील की दोस्ती फुन्सो से हुई थी। इसके बाद दोनों पार्टनर बन गए। अरूणाचल प्रदेश के कानून के हिसाब से बिजनेस के लिए जमीन तो मिल जाती है। लेकिन, स्थानीय व्यक्ति को तरजीह दी जाती है। इसी वजह से फुन्सो को पार्टनर बनाया गया।

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