न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : अनुकरणीय, कोविड से निपटने के लिए मोतिहारी बना मॉडल, सीएम ने DM के व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा- पूरे प्रदेश में करेंगे ऐसी व्यवस्था

न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : मोतिहारी- पटना/ बिहार :

★कोविड से संबंधित समस्या के समाधान हेतु जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम 06252-242418 पर करें कॉल. पूर्वी चम्पारण जिला प्रशासन आपकी मदद हेतु हमेशा है तैयार. जिला प्रशासन सभी जिलेवासियों से अनुरोध करता है कि कृपया सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मास्क का उपयोग करें, भीड़-भाड़ वाली स्थान से बचें. ध्यान रखे खुद के साथ-साथ अपनों का भी, हम सुरक्षित तो देश सुरक्षित★

बिहार में कोरोना से निपटने के लिए सभी जिलों में अधिकारियों द्वारा जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। सीमित संसाधनों के बीच इन व्यवस्थाओं से कुछ हद तक कामयाबी भी मिली है। सीएम नीतीश कुमार ने जिलों के सदर अस्पताल में कोरोना से निपटने के लिए वीडियो कांफ्रेसिग के जरिए निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने वीडियो कॉल पर यहां भर्ती मरीजों से बात करने और कोविड सेंटर के एक-एक वार्ड का निरीक्षण करने के बाद यह निर्णय लिया। इस निरीक्षण के दौरान मोतिहारी के सदर अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सीएम काफी प्रभावित नजर आए। जिले के डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने वीडियो कॉल पर सामुदायिक किचेन की व्यवस्था, चिकित्सा व पारा मेडिकल स्टाफ की तीन शिफ्टों में तैनाती के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा जिले में आक्सीजन की सुचारू आपूर्ति के लिए बनाई गई व्यवस्था के बारे में बताया।

मोतिहारी को बताया सबसे बेहतर

कोरोना महामारी से निपटने को लेकर जैसी व्यवस्था मोतिहारी के अस्पताल में नजर आई। यहां भर्ती मरीजों ने जिस तरह से प्रशासन के इंतजाम को लेकर अपनी बातें रखी. उससे सीएम काफी प्रभावित हुए और उन्होंने यहां दी जा रही सुविधाओं और की गई व्यवस्था को सर्वोत्तम मानते हुए राज्य के हर जिले के कोविड सेंटर को इसके बारे में जानकारी देने की बात कहीं, ताकि वहां के अधिकारी भी इसी व्यवस्था को अपनाकर अपने यहां भी बेहतर इलाज व सुविधा उपलब्ध करा सकें। यहां तक कि  जरूरत पड़ने पर इसे केंद्र के सामने भी प्रस्तुत करने की बात सीएम ने कही।

संसाधन मिले तो एक हजार मरीजों के लिए होगी बेड की व्यवस्था

सीएम नीतीश कुमार से मिली तारीफों से खुश दिखे DM शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि एक जिले की सीमित क्षमता होती है। यहां जितना ऑक्सीजन सिलेंडर है, हम उनका बेहतर उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ऑक्सीजन लगे मरीज पर 4 सिलेंडर की जरूरत पड़ती है, जिसकी वजह से हमारी क्षमता सीमित हो जाती है। अगर ऑक्सीजन सिलेंडर पर्याप्त हो तो हमारे जिले का कोविड केयर सेंटर एक हजार मरीज का इलाज कर सकता है।

क्या है मोतिहारी मॉडल

एकीकृत ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था

जब कोविड का प्रसार शुरू हुआ और काफी जगहों से ऑक्सीजन की कमी की खबरें आनी शुरू हुईं, उसी समय DM शीर्षत कपिल अशोक ने हरसिद्धि प्लांट समेत जिले के सभी अस्पतालों को ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था को एकीकृत कर दिया। इसके तहत जिला प्रशासन ने जिले इंडस्ट्रियल गैस सिलेंडर को अपने नियंत्रण में ले लिया तथा प्रशासनिक अभिरक्षा में ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू कर दी, जिसके कारण जिले में सभी अस्पतालों व नर्सिंग होम को सुचारू ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकी। कोविड के इलाज के लिए बने जिला डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर के अलावा मोतिहारी शहर के तीन निजी अस्पताल, रक्सौल के दो निजी अस्पताल तथा 4 अनुमंडलों में बने कोविड अस्पताल को पूरे कोविड काल में ऑक्सीजन के लिए पैनिक नहीं होना पड़ा। बताया गया कि मोतिहारी प्रशासन की अनुमति के बगैर  हरसिद्धि ऑक्सीजन प्लांट से किसी को  सिलेंडर नहीं मिल सकता है। इसके लिए एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति हरसिद्धि प्लांट पर कई गई है।

परिजनों के लिए कम्युनिटी किचेन और वेटिंग रूम

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान CM को DM शीर्षत कपिल अशोक ने सामुदायिक किचेन की व्यवस्था को दिखाते हुए बताया कि यहां मरीज के परिजनों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर के बाहर मरीज के परिजनों के लिए  वेटिंग रूम बनाए गए हैं।

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