न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : बिहार में 12 घंटे का नाइट कर्फ्यू या कम्पलीट लॉकडाउन? बेकाबू कोरोना संक्रमण पर सर्वदलीय बैठक कल

न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : पटना/ बिहार :

बिहार में कोरोना की दूसरी लहर बेकाबू होने लगी है. सरकारी आंकड़ों में हर रोज पिछले दिन के रिकॉर्ड टूट रहे हैं. गुरुवार को राज्य में कोरोना के 6133 नए मरीज मिले, जो अब तक एक दिन में मिले पॉजिटिव की सबसे अधिक संख्या है. ऐसे में यह आशंका गहरा गई है कि सरकार को मजबूरी में पाबंदियां न बढानी पड़ जाए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी यह संकेत दिए हैं कि सरकार जल्द ही कड़े फैसले ले सकती है. हालांकि, बिहार में कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर किस तरह की सख्ती की जाएगी, इसको लेकर फैसला 17 अप्रैल यानी शनिवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में होने की संभावना है.

बिहार में लॉकडाउन लगाया जाएगा या नाइट कर्फ्यू, इसको लेकर अभी भी सरकार और विपक्ष में मतभेद दिख रहे हैं. साथ ही कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बिहार सरकार को नाकाम बताते हुए लॉकडाउन के पक्ष में नजर आ रहे हैं, वहीं कुछ अन्य दल सख्त पाबंदियों के पक्ष में हैं न कि लॉकडाउन के. दूसरी ओर सरकार में शामिल बीजेपी और जेडीयू के विधायक और नेता इन दोनों पर विचार की बात कह रहे हैं.

सीएम नीतीश ने दिए ये संकेत

इस मामले में सीएम नीतीश कुमार ने बुधवार को कड़े फैसले लेने के संकेत दिए हैं. ऐहतियाती कदम होंगे, नाइट कर्फ्यू होगा या लॉकडाउन या फिर लॉकडाउन जैसी पाबंदियां होंगी, इस पर फैसला सर्वदलीय बैठक के बाद ही होगा. इस बीच सरकार के सूत्रों से जो जानकारी बाहर आ रही है, इससे लगता है कि बिहार सरकार संपूर्ण लॉकडाउन तो नहीं पर लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगा सकती है.

नई गाइडलाइन जारी करने की संभावना

बता दें कि बिहार में फिलहाल स्कूल-कॉलेज 18 अप्रैल तक बंद हैं. स्कूलों में शिक्षकों की 33 प्रतिशत उपस्थिति है. शादी समारोह में 200 और श्राद्ध में 50 लोगों के आने की अनुमति है. लेकिन, बिहार में अगर लॉकडाउन नहीं होंगे तो माना जा रहा है कि आने वाली नई गाइडलाइन में सार्वजनिक समारोहों और शादियों में आने वालों लोगों की संख्या को 100 या 50 करने, कोरोना के ज्यादा मामले वाले जिलों में नाइट कर्फ्यू तक लगाने का फैसला किया जा सकता है.

12 घंटे के नाइट कर्फ्यू पर विचार

हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि नीतीश सरकार नाइट कर्फ्यू पर अधिक जोर दे सकती है, लेकिन अवधि विस्तार के साथ. सूत्र बताते हैं कि सरकार का मानना है कि रात 10 से सुबह 5 तक के कर्फ्यू से बहुत लाभ नहीं होने वाला. ऐसे में बिहार में 12 घंटे का नाइट कर्फ्यू भी लगाया जा सकता है. इससे यह फायदा होगा कि शाम को लगने वाली बाजारों की भीड़ पर नियंत्रण लग सकेगा और कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सकता है.

ये हो सकते हैं ऐहतियाती कदम

गौरतलब है कि फिलहाल शाम सात बजे के बाद व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करने का आदेश है. बिहार सरकार शाम 7 बजे की पाबंदी को एक घंटे पहले करके शाम 6 बजे कर दे. मॉल और बड़े शॉपिंग कॉंप्लेक्स को लेकर भी नया आदेश आ सकता है. टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जा सकती है. अगर इसके बाद भी हालात नहीं सुधरते हैं और लोग लापरवाह बने रहते हैं तो बिहार में लॉकडाउन भी लागू किया जा सकता है.

सभी को कोरोना जांच करवाना जरूरी

इसके साथ ही सभी फ्रंटलाइन वर्कर और हेल्थ केयर वर्करों की अनिवार्य कोरोना जांच करवाई जा सकती है, ताकि उनके संपर्क में आने वाले परिजनों को संक्रमण के दायरे से बाहर रखा जा सके. दूसरे प्रदेशों से वापस लौट रहे लोगों के लिए कम से कम प्रखंड स्तर पर क्वारंटीन किए जाने की व्यवस्था भी पुख्ता की जा सकती है. ऐसे प्रवासी लोगों की भी कोरोना जांच अनिवार्य की जा सकती है.

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