न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : 26 आधिकारिक सदस्य और 20 उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की जगह रेवड़ियों की तरह MSME बोर्ड में भर दिए गए ‘भाजपाई’, पूर्व विधायक और RSS से जुड़े लोगों को मिले पद

न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव :

डा. राजेश अस्थाना, एडिटर इन चीफ, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह :

MSME मंत्रालय से जब ईमेल के माध्यम से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया तो मंत्रालय की तरफ से अब तक कोई जवाब सामने नहीं आया है।

हाल ही में घोषित माइक्रो, स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइज (MSME) बोर्ड के सदस्यों की सूची में अधिकतर आरएसएस और बीजेपी से जुड़े लोगों को जगह दिए जाने का मामला सामने आया है। यह बोर्ड नीति निर्धारण में अहम भूमिका अदा करता है। इस बोर्ड में 26 आधिकारिक सदस्य होते हैं जबकि 20 अन्य उद्योग जगत का प्रतिनिधित्व करते हैं। नई लिस्ट में भाजपा के कई पदाधिकारी, पार्टी के पूर्व विधायक और आरएसएस से जुड़े सदस्य शामिल हैं।

लिस्ट की जांच से पता चला है कि लिस्ट में एक वर्तमान भाजपा विधायक तीन पूर्व विधायक, झारखंड में बीजेपी के सहयोगी दल आजसू के एक पूर्व विधायक को इसमें जगह दी गयी है। बीजेपी के 6 पदाधिकारी और लघु उद्योग भारती (LUB) के छह सदस्यों का नाम भी इस लिस्ट में है।  फिक्की के दो पूर्व सदस्य को बोर्ड में रखा गया है और एक अन्य सदस्य गुजरात से हैं।लिस्ट में जिन नामों का राजनीति से सीधा संबंध रहा है उनमें कुंदन कुमार है जो बिहार के भाजपा विधायक हैं। पेनमेट्स विष्णु कुमार राजू, आंध्र प्रदेश से भाजपा के पूर्व विधायक हैं।

यशवीर डागर, 2014 में हरियाणा से भाजपा के उम्मीदवार रह चुके हैं। प्रवीण केशरी मिश्रा, ओडिशा, 2009 में कटक से भाजपा के उम्मीदवार थे। तीना शर्मा दिल्ली में  भाजपा प्रवक्ता हैं।  रश्मि मिश्रा, भाजपा पूर्वांचल मोर्चा; रॉबिन ब्लैकेई, भाजपा मणिपुर प्रदेश कोषाध्यक्ष; राकेश गुप्ता, राज्य कार्यकारी सदस्य पंजाब, प्रदीप पेशकार  प्रदेश अध्यक्ष भाजपा उद्योग आघाडी महाराष्ट्र का नाम शामिल है।

वडोदरा स्थित पी-मेट हाई टेक के निदेशक हेमलबेन मेहता, जो भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष रहे हैं और गुजरात में भाजपा के राज्य सचिव अमित ठाकर की पत्नी हैं। बलदेवभाई गोविंदभाई प्रजापति, अध्यक्ष, लगु उद्योग भारती; नरेश चंद पारीक, राष्ट्रीय समन्वयक LUB और पूर्व-राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य BJYM; संपत तोषनीवाल, सचिव, LUB हैं।

MSME मंत्रालय से जब ईमेल के माध्यम से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया तो मंत्रालय की तरफ से अब तक कोई जवाब सामने नहीं आया है। इस मुद्दे परअधिकारियों ने कहा कि हालांकि कुछ व्यक्ति भाजपा के साथ जुड़े हो सकते हैं, लेकिन उनके व्यावसायिक संबंध रहे हैं।

संपर्क करने पर, बोर्ड के सदस्य, टीना शर्मा ने कहा: “मैं एसोचैम इंडिया में निदेशक थी, जहां मैं महिलाओं के मामलों को देखती थी और स्टैंडअप इंडिया-स्टार्टअप इंडिया और मुद्रा में डिजिटल स्पेस में काम कर रही हूं। इसीलिए मुझे इस बोर्ड में नामांकित किया गया है। मैं एक महिला और एक बाल अधिकार कार्यकर्ता भी हूं … मुझे महिलाओं के वित्तीय समावेशन और नीति निर्माण सहित अन्य चीजों पर अनुभव है। बोर्ड की सदस्य और भाजपा के पूर्वांचल मोर्चा की नेता रश्मि मिश्रा ने कहा, “मैंने भागलपुर में रेशम कारीगरों के उत्थान के लिए काम किया है। मैं कारीगरों और महिला उद्यमियों के लिए काम करने के लिए उत्सुक हूं। ”

बताते चलें कि एमएसएमई विकास अधिनियम के अनुसार, बोर्ड में 26 आधिकारिक सदस्य हैं और इसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री (नितिन गडकरी) करते हैं। इसके अलावा एक राज्य मंत्री, राज्य सरकारों के छह मंत्री भी इसमें शामिल हैं। तीन सांसदों और एक केंद्र शासित प्रदेश के प्रमुख को इसमें रखा जाता है।

गौरतलब है कि इस साल के केंद्रीय बजट ने एमएसएमई मंत्रालय को 15,699.65 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। इसमें पात्र MSME उधारकर्ताओं के लिए केंद्र की गारंटी आपातकालीन क्रेडिट लाइन (GECL) सुविधा के 10,000 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।

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