न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : सीएम नीतीश ने फिर से दो टूक कहा कि बिहार में एनआरसी लागू होने का कोई सवाल ही नहीं होता, बिहार विधानमंडल के एक दिवसीय विशेष सत्र में संसदीय व्यवस्था में SC/ST को आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव की मंजूरी

न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : पटना/ बिहार :

बिहार विधानमंडल के एक दिवसीय विशेष सत्र में संसदीय व्यवस्था में SC/ST को आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव की मंजूरी के बाद विधानसभा में जारी चर्चा के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने CAA-NRC को लेकर बड़ा बयान दिया है। सीएम नीतीश ने कहा कि  जिस भी मुद्दे पर देश में भ्रम की स्थिति पैदा हो, उसपर सबको मिलकर चर्चा करनी चाहिए।

नोट : कृपया इसे भी पढ़ें :-

न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : छपरा, वैशाली, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण   के लोगों को एनआरसी और सीएए का मायने मतलब समझाने हेतु हमलावर राजद के गढ़ वैशाली में होगी अमित शाह की सभा

उन्होंने कहा कि सीएए को लेकर देश में जो स्थिति बनी हुई है उसे लेकर विशेष चर्चा होनी चाहिए। अगर सबकी सहमति हो तो हम सीएए को लेकर सदन में विशेष चर्चा करेंगे। बिहार में इसे लेकर क्या राय है इससे केंद्र सरकार को अवगत कराएंगे। 

नोट : कृपया इसे भी पढ़ें :-

न्यूज़ टुडे टीम एक्सक्लूसिव : मोतिहारी स्थित स्टेट बैंक के करेंसी चेस्ट से लगभग एक अरब रुपया स्टेट बैंक के अधिकारियों की मौजूदगी में देर रात रिजर्व बैंक, पटना पहुंचा, गिनती को लेकर शनिवार को भी खुला रिजर्व बैंक

सीएम नीतीश ने फिर कहा-बिहार में एनआरसी लागू करने का सवाल ही नहीं 

इसके बाद सीएम नीतीश ने फिर से दो टूक कहा कि जब बिहार में एनआरसी लागू होने का कोई सवाल ही नहीं होता तो इसे लेकर बेवजह का हंगामा क्यों हो रहा है? नीतीश ने कहा कि एनआरसी का मुद्दा सिर्फ असम के परिप्रेक्ष्य में है और इसे पीएम नरेंद्र मोदी भी स्पष्ट कर चुके हैं।

नोट : कृपया इसे भी पढ़ें :-

न्यूज़ टुडे टीम अपडेट : नोट रिफंड रूल का पालन नहीं किये जाने के कारण उजागर हुआ घोटाला, एसबीआइ करेंसी चेस्ट शाखा में करीब 14 करोड़ की गड़बड़ी मामले की जांच तेज

नीतीश ने मान ली तेजस्वी की बात, कहा-जातिगत जनगणना होनी ही चाहिए

सीएम नीतीश कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की उस बात पर अपनी भी सहमति जताई , जिसमें तेजस्वी ने कहा कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए और इसके लिए भी विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। सीएम ने भी कहा कि मैं भी इसके पक्ष में हूं कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए।

नोट : कृपया इसे भी पढ़ें :-

न्यूज़ टुडे ब्रेकिंग : अनाथ हो गया मोतिहारी का सांस्कृतिक जगत, नही रहे हरदिल अज़ीज़ संस्कृतिकर्मी व चम्पारण सांस्कृतिक महोत्सव के प्रणेता डॉ.(प्रो.) वीरेन्द्र नाथ पांडेय

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि एक बार जातीय आधारित जनगणना होनी ही चाहिए। 1930 में आखिरी बार जातीय आधारित जनगणना हुई थी और उसके बाद 2010 में जनगणना के साथ ही जातियों की भी गणना की मांग उठी थी। एेसे में धर्म के आधार पर तो जनगणना हो जाती है लेकिन जातियों के बारे में तथ्य सामने नहीं आ पाते। नीतीश कुमार ने कहा कि हम केंद्र सरकार को अपनी राय देंगे। जातीय आधारित जनगणना में किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

विपक्ष ने एनआरसी-सीएए को लेकर किया प्रदर्शन

इससे पहले विधानमंडल के विशेष सत्र के शुरू होने के पहले से ही नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर सोमवार को विपक्ष ने पटना में विधानसभा के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।

नोट : कृपया इसे भी पढ़ें :-

न्यूज़ टुडे टीम एक्सक्लूसिव : थोड़े से लाभ के लिए जीवित पति को मृत घोषित कर महिलाओं ने उठाई लक्ष्मी बाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ, पतियों ने बीडीओ से की शिकायत

सीएए और एनआरसी को लेकर जदयू में हो रहा विवाद 

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जदयू में ही विवाद चल रहा है। इसे लेकर पहले ही जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर बयान दिया था। इसके बाद रविवार को भी प्रशांत किशोर ने नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तारीफ की। इसके बाद से कई तरह की सियासी अटकलें भी लगाई जा रही हैं। लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बार-बार ये दावा करते रहे हैं कि बिहार में एनआरसी लागू नहीं होगा। बार-बार वो सफाई दे रहे हैं कि एनआरसी का मुद्दा सिर्फ असम से जुड़ा है। पीएम नरेंद्र मोदी भी इस बारे में स्पष्ट कर चुके हैं।

Updates

x

छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं