न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : प्रसिद्धि के साथ साथ विवादों से भी जुड़े रहे Super 30 के आनंद कुमार, सुपर-30 की गौरव गाथा के साथ आइए डालते हैं आनंद कुमार से जुड़े विवादों पर नजर

न्यूज़ टुडे एक्सक्लूसिव : डा. राजेश अस्थाना, प्रधान संपादक, न्यूज़ टुडे मीडिया समूह :

‘अब राजा का बेटा राजा नहीं बनेगा, अब जो काबिल होगा वो राजा बनेगा’। ऋतिक रोशन की फिल्म सुपर-30 पर्दे पर आ चुकी है। जिसमें अभिनेता ऋतिक रौशन पटना के मैथ्स जीनियस आनंद कुमार का रोल अदा किया हैं। जिनके सुपर-30 बैच के हर साल आईआईटी में पहुंचने के दावे किया जाते हैं। सुपर-30 की गौरव गाथा तो आपने खूब सुनी होगी और फिल्म के जरिये इसे देख कर आनंद उठाने का विकल्प भी अब उपलब्ध है। लेकिन आज हम आपको आनंद कुमार से जुड़े कुछ विवादों के बारे में बताएंगे। 

साल 2018 के फरवरी के महीने में एक तस्वीर सामने आती है जिसमें ऋतिक रोशन पापड़ बेचते नजर आते हैं। जिसके बाद यह सामने आता है कि सुपर-30 आनंद कुमार की बायोपिक है। लेकिन 10 जून 2018 को आईआईटी एडवांस का रिजल्ट आता है और मालूम पड़ता है कि सुपर 30 कोचिंग में से 26 बच्चे सलेक्ट हो गए। लेकिन विवाद तब हुआ कि उन 26 बच्चों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए। पहले के सालों में गरीब कुनबे के 30 बच्चों के आईआईटी जाने के माध्यम से आनंद अपनी सफलता का ऐलान खुलकर करते थे। उनके नाम और रोल नंबर भी बकायदा बताए जाते थे। लेकिन इसके बाद आनंद कुमार की चुप्पी पर उनके और सुपर-30 के खिलाफ पटना के स्थानीय अखबारों में आनंद कुमार के खिलाफ खबरें छपने लगी। 

23 जुलाई 2018 को एक बड़े अखबार में आर्टिकल आया जिसमें लिखा था कि सुपर 30 के 26 नहीं सिर्फ 3 स्टूडेंट्स सलेक्ट हुए हैं और अन्य स्टूडेंट्स अलग-अलग कोचिंग इंस्टिट्यूट के हैं। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि सुपर-30 के स्टूडेंट्स को रामानुज इंस्टीट्यूट नाम के एक अन्य कोचिंग इंस्टिट्यूट में एनरोल करना होता था और ये कहा जाता था कि आनंद कुमार उन्हें कोचिंग देंगे अगर वो उस इंस्टिट्यूट में अच्छा कर पाए। रिपोर्ट के मुताबिक रामानुज इंस्टीट्यूट से कुमार को 1 करोड़ सालाना की आय हुई थी। 

सितंबर 2018 में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने आईआईटी-गुवाहाटी के चार स्टूडेंट्स की याचिका पर आनंद कुमार को नोटिस भी भेजा। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार से 2002 से अब तक आइआइटी में पास हुए छात्रों की सूची मांगी। इसके अलावा पटना हाईकोर्ट में वरिष्ठ वकील मणिभूषण प्रताप सेंगर ने एक याचिका डाली जिसमें सुपर-30 कोचिंग संस्थान को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच की मांग की। जिसके बाद देखते ही देखते यह मामला लोकल से राष्ट्रीय हो गया। गणित के अध्यापक आनंद कुमार अंकों के पेपर में फंसते गए। उन पर बन रही बायोपिक देखते ही देखते ‘इंस्पायर बाई द लाइफ ऑफ आनंद कुमार एंड स्टूडेंट’ में तब्दील हो गई। 

सुपर-30 की कार्यप्रणाली को लेकर विवादों से घिरे आनंद कुमार पुलिस के खिलाफ बयानबाजी की वजह से भी विवादों में रहे। जुलाई 2018 में ही सोशल मीडिया में ऑडियो वायरल हुआ जिसमें वो कहते सुने गए कि अगर बिहार पुलिस उन्हें हाथ लगाएगी, तो वे ईंट-से-ईंट बजा देंगे। हालांकि उस ऑडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं हुई। लेकिन ऐसा पहली बार नहीं है जब आनंद का पुलिस से पंगा हुआ है। आनंद कुमार के एक मित्र की फेसबुक पर बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद के खिलाफ एक पोस्ट शेयर करने के मामले में गिरफ्तारी हुई थी। जिसके बाद कोतवाली थाना में हंगामा व पुलिसकर्मियों से अभद्र व्यवहार के आरोप आनंद कुमार पर लगे थे और पहली बार किसी टीचर के मुंह से पुलिस को देख लेने की धमकी भी सुनने को मिली थी। 

बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद का जिक्र हुआ तो उनकी चर्चा करना भी बेहद जरूरी है क्योंकि वो भी आनंद कुमार और सुपर-30 की कहानी के एक अहम किरदार हैं। एक आईपीएस अधिकारी जो 2011 से 2014 के बीच बिहार के डीजीपी रहे। 2002 में जब आनंद कुमार ने सुपर-30 शुरू किया तो अभयानंद ने उनको खूब सहयोग दिया और कभी उनकी कोचिंग में विज्ञान की पढ़ाई की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाते थे। लेकिन बाद में पैसों को लेकर कुछ विवाद के चलते वो आनंद कुमार से अलग हो गए। बाद में ऐसी खबरें आई कि एक ईनाम और चेक के फेर में विवाद शुरू हुआ था। आनंद कुमार को एक न्यूज चैनल ने पर्सन ऑफ द ईयर चुना था और उन्हें ईनाम दिया गया था। जिसके बाद उनके सहयोगी अभयानंद सुपर ने रिलायंस से पैसे लेने की बात पर सावल उठाते हुए सुपर-30 से किनारा कर लिया। लेकिन कई लोग इसे कहार और भूमिहार के बीच की लड़ाई भी बताते हैं। अभयानंद भूमिहार जाति से आते हैं और आनंद कुमार कहार जाति से आते हैं।

1992 में 500 रूपये महीने पर कमरा लेकर दो बच्चों को पढ़ाने वाले आनंद कुमार का रोजगार चल निकला और देखते ही देखते वो विश्व विख्यात हो गए। डिग्री की पढाई के दौरान आनंद कुमार के नंबर थ्योरी पर एक रिसर्च को मैथमेटिकल स्पेक्ट्रम और मैथमेटिकल गजट में प्रकाशित किया गया था। जून 2016 में आनंद कुमार के जीवन पर आधारित किताब को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों रिलीज़ किया गया था। आनंद कुमार की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा की आनंद कुमार बिना किसी स्वार्थ से यह काम कर रहे है और वो पूरे बिहार की पहचान बन चुके हैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव से भी उनकी करीबी की कई खबरें हमेशा आती भी रही हैं। आनंद कुमार के सुपर-30 का मामला जब विवादों में था तो लालू के पुत्र और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने आनंद कुमार से मुलाकात भी की थी।

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